Live

BIHAR NEWS

बिहार सरस मेला 20 से 29 सितंबर 2026 तक पटना में होगा आयोजित

M
MADAN KISHORE JHAलेखक

पटना : ग्रामीण विकास विकास, बिहार के तत्वावधान में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, जीविका द्वारा वर्ष 2026 के बिहार सरस मेला के प्रथम संस्करण का आयोजन 20 से 29 सितंबर 2026 तक ज्ञान भवन, पटना में होने जा रहा है.

ग्रामीण उद्यमिता और हुनर को बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से बिहार सरस मेला का आयोजन किया जाता है. वर्ष 2014 से शुरू हुई यह यात्रा अब अपने 18वें संस्करण तक पहुंच चुकी है.

वर्ष 2018 से सरस मेला के दो संस्करण आयोजित किए जा रहे हैं, एक ज्ञान भवन में, जहां ग्रामीण उद्यमियों और ग्राहकों के बीच सीधा संवाद अधिक गहरा होता है, और दूसरा गांधी मैदान में, जहां यह आयोजन एक बड़े जन-उत्सव का रूप ले लेता है.

वर्तमान वित्तीय वर्ष के इस प्रथम संस्करण में बिहार समेत 15 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्यमी शिरकत कर रही हैं. आन्ध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर की लोक कला, शिल्प , लोक कलाकृतियों एवं व्यंजनों की प्रदर्शनी सह खरीद- बिक्री होगी .इसके लिए लगभग 135 स्टॉल लगाये जा रहे हैं .

हस्तशिल्प,हैण्डलूम,कालीन,रग्स,मलबरी,सिल्क एवं खादी की साड़िया एवं कपडे,मधुबनी पेंटिंग,लाह से बनी चूड़ियाँ,सीप से बने गहने,बांस एवं लकड़ी से बने घर सजाने के उत्पाद,केला के डंठल आदि से बने उत्पादों की खरीद-बिक्री होगी.

फ़ूड जोन में दीदी की रसोई के स्टॉल पर देशी, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजन के साथ अचार, पापड़, सत्तू, बरी, दनौरी, ड्राई फ्रूट्स समेत कई देशी और लजीज व्यंजन के स्टॉल रहेंगे.

बिहार के सभी 38 जिलों के स्वयं सहायता समूह से जुडी हुनरमंद महिला उद्यमी अपने-अपने क्षेत्र के हस्त शिल्प, लोककला , कलाकृतियों एवं सुप्रसिद्ध व्यंजनों को लेकर आ रही हैं.

जीविका दीदियों द्वारा संचालित महानंदा चाय उत्पादक कंपनी, जीविका शिल्पग्राम, जीविका मधु ग्राम एवं जानकी महिला सिलाई एवं प्रशिक्षण केंद्र के स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की झलक दिखेगी.

विभिन्न विभाग एवं संस्थानों के स्टॉल पर राज्य में हो रहे विकासात्मक कार्यों की प्रदर्शनी एवं लाभान्वितों के द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री की जाएगी.

जीविका द्वारा संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना एवं मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लाभान्वितों द्वारा उत्पादित उत्पादों की भी खरीद- बिक्री होगी.

रुपयों की जमा- निकासी के लिए जीविका दीदियों द्वारा ग्राहक सेवा केंद्र एवं सभी स्टॉल पर कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था की गई है.

सरस मेला परिसर में आगंतुकों एवं स्टॉल धारकों की सुविधा के लिए सहायता केंद्र भी बनाये जा रहे हैं.

इस वर्ष ज्ञान भवन में एक नई पहल के रूप में क्रेता-विक्रेता संवाद आयोजित किया जाएगा. यहां केवल उत्पाद दिखाए नहीं जाएंगे,बल्कि उत्पादों के पीछे के उद्यम और बाजार की संभावनाओं पर बातचीत होगी. संभावित खरीदारों,संस्थागत खरीदारों और महिला उद्यमियों के बीच सीधा संवाद होगा. उत्पाद की गुणवत्ता,पैकेजिंग,मात्रा,आपूर्ति और बाजार की मांग जैसे विषयों पर बातचीत के जरिए व्यापारिक संबंधों की नई संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जाएगा. इस पहल से सरस मेला की भूमिका एक कदम और आगे बढ़ेगी,प्रदर्शनी से व्यापार तक,ग्राहक से खरीदार तक और उत्पाद से बाजार तक.

मेला का समय सुबह 10 बजे से शाम 08 बजे तक निर्धारित है. प्रवेश निःशुल्क रखा गया है.

इस ख़बर को शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।

पूरी वेबसाइट पर पढ़ें और ख़बरें