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चुनाव में हार के बाद PK का गांधी आश्रम में आत्ममंथन, 24 घंटे तक किया मौन व्रत, सरकार पर किया सीधा हमला
नरकटियागंज : बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. जीत का जश्न भले गांधी मैदान में मनाया गया हो,लेकिन हार के बादPKवहीं लौटे,जहाँ से उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई थी.
यहीं उन्होंने 24 घंटे का मौन उपवास रखकर आत्ममंथन किया. उपवास-breakingका क्षण भी भावुक रहा. आश्रम के स्कूल की छात्राओं ने उन्हें जूस और पानी पिलाकर उनका मौन और व्रत समाप्त कराया. उपवास टूटने के बाद प्रशांत किशोर ने सरकार पर तीखा हमला बोला.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव से ठीक पहले गरीब वोटरों को ₹10,000 देकर वोट खरीदे और 2 लाख रुपये देने का लोकलुभावन वादा कर जनता को भ्रमित किया.PKके अनुसार,इस चुनाव में पैसे के बदले वोट खरीदने का खुला खेल देखने को मिला.
नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अब उन्हें ईमानदार मुख्यमंत्री समझना मुश्किल है,क्योंकि सरकार में अपराधी प्रवृत्ति के मंत्रियों को जगह दी गई है. इसी के साथPKने बड़ा ऐलान किया.
अब से अपनी कुल कमाई का 90% हिस्सा वे जन सुराज को समर्पित करेंगे. पिछले 20 वर्षों में जो संपत्ति अर्जित की है,उसमें से परिवार का घर छोड़कर बाकी सब जन सुराज आंदोलन को दान करेंगे.
PKने साफ कहा जो जनसुराजी यह ₹1000 का योगदान नहीं देगा उसे मैं नहीं मिलूंगा.PKका कहना है कि चुनाव हारने के बावजूद लड़ाई खत्म नहीं हुई है. जिस आश्रम से राजनीतिक यात्रा की शुरुआत हुई थी,वहीं लौटकर उन्होंने नए संघर्ष की घोषणा की. उनका दावा है—आने वाले समय में जन सुराज एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरेगा.
हम चुनाव जरूर हार गए हैं,लेकिन हमारी लड़ाई खत्म नहीं हुई है. इस बार बिहार में पैसे से वोट खरीदने का खुला खेल हुआ. सरकार ने गरीबों को दस–दस हज़ार रुपये बाँटकर वोट खरीदे और दो लाख का झूठा वादा किया.
अब मैं अपनी कुल कमाई का 90% जन सुराज को समर्पित कर रहा हूँ. पिछले 20 साल में जो संपत्ति बनाई है,उसमें से परिवार का घर छोड़कर बाकी सब संगठन को दान कर दूँगा.
मैं अपील करता हूँ कि हर जनसुराजी साल में 1000 रुपये दे और जो नहीं देगा. उससे मैं नहीं मिलूंगा. जन सुराज आने वाले समय में बड़ी ताकत बनकर उभरेगा.
नरकटियागंज से अजय पाण्डेय की रिपोर्ट--
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