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मासिक स्टाइपेंड नहीं मिलने से नाराज अधिवक्ता पटना हाईकोर्ट में 8 सितंबर को देंगे महाधरना

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MADAN KISHORE JHAलेखक

पटना: 22से32साल वाले युवा वर्ग के अधिवक्ताओं को मासिक स्टाइपेंड देने की सरकार की घोषणा होने के बावजूद,उसे अमल नहीं किए जाने से नाराज हुए अधिवक्तागण मंगलवार8सितंबर,2026को कोर्ट परिसर के समीप महाधरना देने का घोषणा किया है. इसका नेतृत्व वरीय अधिवक्ता और बिहार बार काउंसिल सदस्य योगेश चंद्र वर्मा करेंगे.

वर्मा,जो हाई कोर्ट के तीनों वकील संघों की समन्वय समिति के भी अध्यक्ष हैं,ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद विधि पत्रकारों को बताया कि स्टाइपेंड नहीं मिलने के कारण राज्य में हजारों की संख्या में युवा वकीलों में असंतोष है.

इस धरने का आह्वान बिहार एडवोकेट्स एक्शन फोरम की तरफ के संयोजक राम जीवन प्रसाद सिंह ने दिया. धरने का कार्यक्रम हाई कोर्ट के समीप शताब्दी भवन के पास रखा गया है.

सीनियर एडवोकेट वर्मा ने यह भी बताया कि इस धरने के जरिए वकील समुदाय राज्य सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं जिसके लिए वे बार बार, पेटिशन के जरिए या प्रतिनिधिमंडल के जरिए,विनती कर चुके हैं.

उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की लंबे समय से बैठने की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार से मांग की जा रही है,जिसकी लगातार उपेक्षा हो रही है. शताब्दी भवन के अंदर कमरे टेबुल और कुर्सियां वर्षों से बंद पड़े हुए हैं और अधिवक्तागण उसी भवन की खुले पार्किंग पर बैठने को मजबूर हैं.

अधिवक्तओं के कल्याणकारी कोष में बढोतरी हेतु वेलफेयर स्टांप का मूल्य बढ़ा कर50रुपए कर दिया गया है. यानी प्रत्येक फाइलिंग पर एक याचिकाकर्ता को कम से कम100रुपए का वेलफेयर स्टांप खरीद कर (50रु एफिडेविट और50रु वकालतनामा ) कोर्ट में दायर करना होता है.

उक्त स्टाम्प का मूल्य फंड में जाता है,लेकिन बढ़े हुए कोष की अनुपात में वकीलों के मरने पर उक्त फंड में से अधिकतम7लाख रुपए ही मिलता है,जो पिछले डेढ़ दशक से चला आ रहा है. वरीय अधिवक्ता वर्मा ने अधिवक्ताओं के मरने पर अधिकतम कल्याणकारी राशि को25लाख रुपए तक बढ़ाने की मांग की.

इन्हीं मांगों को लेकर मंगलवार को ये आयोजन किया गया है.

पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-

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