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पटना के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन खत्म, मरीज भटकने को मजबूर; पीएमसीएच में पर्याप्त स्टॉक से राहत
पटना में कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। राजधानी के कई प्रमुख सरकारी अस्पतालों में पिछले कई दिनों से वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसके कारण मरीजों को अस्पताल-दर-अस्पताल भटकना पड़ रहा है। कई मरीजों को अस्पताल से लौटाया जा रहा है और बाहर से वैक्सीन खरीदने की सलाह दी जा रही है।न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल, गर्दनीबाग अस्पताल और गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन की कमी बताई गई है। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हो रही है, जिन्हें काटने के बाद निर्धारित शेड्यूल के अनुसार वैक्सीन की अगली खुराक लेनी है। सरकारी अस्पताल में टीका नहीं मिलने से मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से महंगी वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है।
न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, अस्पताल में पिछले तीन दिनों से एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। यहां रोजाना करीब 50 से 60 मरीज कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद टीका लगवाने पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले 150 खुराक की खेप आई थी, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण वह भी समाप्त हो गई। अब अस्पताल नई खेप आने का इंतजार कर रहा है।शनिवार को गया निवासी एक मरीज एंटी-रेबीज की दूसरी खुराक लेने न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल पहुंचा था। वैक्सीन नहीं मिलने पर उसे वापस लौटना पड़ा। इसके बाद वह गर्दनीबाग अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां भी टीका उपलब्ध नहीं था।गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में भी कई दिनों से वैक्सीन नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। संभावित संक्रमित जानवर के काटने के बाद घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से साफ करना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय पर पोस्ट एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस शुरू करना जरूरी है।हालांकि, पीएमसीएच में फिलहाल एंटी-रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध बताया गया है, जिससे वहां पहुंचने वाले मरीजों को राहत मिल रही है।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
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