Live

BIHAR NEWS

बिहार में जातिवाद की राजनीति ने शिक्षा को पहुंचाया नुकसान, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का बड़ा बयान, नई शिक्षा नीति से रचनात्मकता पर जोर

M
MADAN KISHORE JHAलेखक

पटना : केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है. पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय सेवा, चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने कहा कि बिहार में एक दौर ऐसा रहा, जब जाति और 'डिवाइड एंड रूल' की राजनीति ने शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने किसी का नाम लिए बिना पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा. साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में किए गए प्रयासों का उल्लेख किया.


रटने के बजाय नए विचारों पर जोर


केंद्रीय मंत्री ने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रटकर परीक्षा पास करना या नौकरी हासिल करना नहीं होना चाहिए. विद्यार्थियों में सोचने-समझने की क्षमता,रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति विकसित करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है,जहां एक नया विचार भी बड़े उद्योग की नींव बन सकता है. बच्चों को सवाल पूछने,प्रयोग करने और अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर मिलने चाहिए.


95,195 स्कूलों की भागीदारी पर जताई खुशी


समारोह में बिहार के सभी38जिलों के95,195स्कूलों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए जोशी ने प्रसन्नता जताई. उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देती हैं. पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.


2047 के विकसित भारत में युवाओं की भूमिका


प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वर्ष2047में भारत की स्वतंत्रता के100वर्ष पूरे होंगे. उस समय देश के विकास में आज के युवाओं की अहम भूमिका होगी. इसके लिए विद्यार्थियों को ज्ञान,कौशल और नए विचारों से लैस करना आवश्यक है.


अभिभावकों से खास अपील


केंद्रीय मंत्री ने माता-पिता से बच्चों पर अपनी पसंद का करियर थोपने से बचने की अपील की. उन्होंने कहा कि हर बच्चे की रुचि और प्रतिभा अलग होती है. अभिभावकों को बच्चों की क्षमता पहचानकर उन्हें पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए. शिक्षा का लक्ष्य केवल डिग्री और नौकरी नहीं,बल्कि बच्चों को स्वतंत्र सोच और अपनी पहचान बनाने में सक्षम करना भी होना चाहिए.


पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-

इस ख़बर को शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।

पूरी वेबसाइट पर पढ़ें और ख़बरें