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बिहार में 9 लाख शिक्षाकर्मियों और 1.30 लाख पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक, एजी रिपोर्ट में गड़बड़ी के खुलासे के बाद जांच का आदेश
पटना: बिहार में शिक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. एजी की ऑडिट रिपोर्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद राज्य के वित्त विभाग ने जांच पूरी होने तक वेतन भुगतान पर फिलहाल रोक लगाने का निर्णय लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से करीब9लाख शिक्षा कर्मियों और1लाख30हजार पुलिसकर्मियों का वेतन प्रभावित हो सकता है.
मिली जानकारी के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि एजी की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद वेतन जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. वित्त सचिव विनय कुमार ने शिक्षा और पुलिस विभाग को पत्र भेजकर मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया है.
वेतन भुगतान में गड़बड़ी का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, एजी की जांच में एचआरएमएस और सीएफएमएस पोर्टल पर वेतन संबंधी अनियमितताओं केमामले सामने आए हैं. आरोप है कि कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति के समय ही पोर्टल पर वेतन की गलत राशि दर्ज की गई. इसके अलावा, फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान किए जाने की भी बात सामने आई है.
पटना सिटी के फतह नारायण सिंह अकादमी स्कूल में76.71लाख रुपये की कथित गड़बड़ी का उल्लेख किया गया है. वहीं, सुपौल में11शिक्षकों की फर्जी आईडी बनाकर1.83करोड़ रुपये कथित तौर पर रिश्तेदारों के खातों में हस्तांतरित किए जाने का मामला भी सामने आया है.
पांच साल के वेतन खातों की होगी जांच
वित्त विभाग के निर्देश पर कर्मचारियों की सैलरी स्लिप का ट्रेजरी रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पिछले पांच वर्षों के वेतन खातों की जांच की जा रही है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल, इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों के बीच वेतन भुगतान को लेकर चिंता बढ़ गई है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
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