बिहार की बेटी को राष्ट्रीय सम्मान
लोक संगीत के लिए मनीषा को मिला उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ युवा पुरस्कार 2025
पटना : बिहार की सुप्रसिद्ध लोकगायिका मनीषा श्रीवास्तव को भारत सरकार के संगीत नाटक अकादमी का प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ राष्ट्रीय युवा पुरस्कार2025, दिल्ली के रविन्द्र भवन में केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने प्रदान की.
विदित हो कि यह सम्मान प्रत्येक वर्ष लोककला के विभिन्न विधाओं में कार्य करने वाले युवा कलकारों को भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है.इसी क्रम में वर्ष2025के लिए बिहार के लोकसंगीत के ऊपर कार्य करने के लिए बिहार की बेटी मनीषा श्रीवास्तव को यह सम्मान दिया गया.इस सम्मान को प्राप्त करने के बाद मनीषा ने बातचीत के क्रम में बताया कि आज मिले इस सम्मान के लिए मैं बहुत ही अभिभूत हूँ.जब मैंने गायकी का सफर शुरु किया था तब यह नहीं सोचा था कि मैं इस मुकाम तक का सफर करुँगी.बस इतना मन में विश्वास लिए अपना बेहतरीन देने की कोशिश करती रही कि मुझे औरों से अलग अपने लोकगीतों को गाना है तथा अपने लोक-संस्कृति को बचाते हुए समाज में स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करना है.आज उसी मेहनत और संगीत के प्रति श्रद्धा एवं संगीत साधना का फल है उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ युवा पुरस्कार.यह सम्मान सिर्फ मेरी नहीं बल्कि उन सभी कलाकारों की है, जो बाजार के पीछे न चलते हुए अपनी अलग लकीर खींचते हुए अपनी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए निरंतर अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं. मैं समस्त बिहार वासियों को इस सम्मान के लिए बधाई एवं धन्यवाद देती हूँ, जिनके प्यार एवं साथ के बदौलत मैं यहाँ तक पहुँच सकी.
बता दें कि मनीषा श्रीवास्तव भोजपुरी लोकगीत में अपना एक अलग पहचान बनाई हैं. अपने विविधता भरी गायकी से सबको मंत्रमुग्ध करने वाली मनीषा ना सिर्फ भोजपुरी बल्कि मैथिली, अवधी, हिन्दी, संस्कृत, मगही आदि भाषाओं में भी गाती हैं. मनीषा जितना अच्छा गाती हैं उतना ही अच्छा लोक साहित्य, संस्कृति एवं लोकगीतों के साथ साथ समसामयिक विषयों पर लिखती भी हैं. पिछले 18 वर्षों से भोजपुरी लोकगीतों में काम करते हुए बाजारु गीतों के समकक्ष एक अपना अलग लकीर खींचते हुए आज इस मुकाम को हासिल कर लाखों लोक कलाकारों के लिए प्रेरणाश्रोत बनी हैं.
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