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बिहार के आनंद ने रचा इतिहास, बने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पुस्तक का विमोचन करने वाले भारतीय लेखक

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MADAN KISHORE JHAलेखक

पटना: बिहार के युवा पेशेवर, सामाजिक उद्यमी और लेखक आनंद प्रियदेव ने इतिहास रच दिया है. आनंद उन लोगों की श्रेणी में शामिल हो गये हैं, जिनके पुस्तक का विमोचन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में किया जाएगा. इस अनोखी उपलब्धि को पाने वाले आनंद बिहार के युवा लेखक हैं.

मिली जानकारी के अनुसार आनंद प्रियदेव की किताबFollow Your Heart का संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पुस्तक का विमोचन होगा. डेवलपमेंट एरिया के पेशेवर, सामाजिक उद्यमी और लेखक आनंद प्रिया देव अपनी संस्मरणात्मक पुस्तकFollow Your Heart का विशेष विमोचन आगामी13अक्टूबर2026को जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र परिसर में होगा, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी और उनके पूर्व सहयोगी उपस्थित रहेंगे. इसके अलावा, 16अक्टूबर2026को वेनिस स्थितGlobal Campus of Human Rights में वे पुस्तक पर विशेषBook Talk करेंगे.

बता दें किAirtel औरPepsiCo में लगभग एक दशक तक कार्य करने के बाद आनंद ने यूके और यूरोप से दो मास्टर डिग्रियाँ हासिल की और जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) में इंटर्नशिप की. इसके बाद उन्होंनेMedic Mobile, Grameen Foundation औरKarya जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ काम किया. उनका कार्य अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैला रहा है. आनंद दुनिया के करीब70से अधिक देशों की यात्रा कर चुके हैं.2024में उनके कार्यों और उनकी अहमियत को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र केSocial Forum में पैनल स्पीकर के रूप में आमंत्रित किया गया था.

ज्ञात हो कि आनंद मूलरूप से बिहार के नवादा जिले के निवासी हैं. आनंद एक ऐसी फैमिली से ताल्लुक रखते हैं, जहां शिक्षा को अहम महत्व दिया जाता है. आनंद के पिता की गिनती शिक्षाविद में होती है.

इस किताब को लेकर आनंद ने बताया किFollow Your Heart साहस, अनिश्चितता, आत्म-खोज और जीवन के उद्देश्य की तलाश पर आधारित एक संस्मरण है. उनकी इस यात्रा ने उन्हें वर्ष2022 मेंAnanda Foundation की स्थापना के लिए प्रेरित किया, जो महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा आजीविका के अवसरों के क्षेत्र में कार्य करती है. यह पुस्तक कॉरपोरेट जीवन से अंतरराष्ट्रीय विकास और जमीनी स्तर पर सामाजिक बदलाव तक की एक असाधारण यात्रा को सामने लाती है और एक सरल संदेश देती है कि कभी-कभी अपने जीवन का उद्देश्य खोजने की शुरुआत अपने दिल की आवाज़ सुनने के साहस से होती है.

पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट-

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