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अंबा प्रसाद का सरकारी आवास खाली कराए जाने पर सियासत तेज, बीजेपी ने सरकार को घेरा तो JMM ने दी सफाई

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Deepak Kumarलेखक

रांची: कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का सरकारी आवास खाली कराए जाने के मामले ने झारखंड की राजनीति को गरमा दिया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए हैं, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इसे विभागीय प्रक्रिया बताते हुए सरकार का पक्ष रखा है। तीनों दलों के नेताओं के अलग-अलग बयानों से राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

बीजेपी का आरोप- सरकार को सच बोलने वाले लोग पसंद नहीं
अंबा प्रसाद का आवास खाली कराए जाने को लेकर झारखंड बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार को सच बोलने वाले लोग पसंद नहीं हैं। उनके मुताबिक, योगेंद्र साहू हमेशा सच बोलते रहे हैं और इसी वजह से आज अंबा प्रसाद को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई बदले की भावना से प्रेरित है।

कांग्रेस ने कार्रवाई के समय पर उठाए सवाल
वहीं, इस मामले पर झारखंड कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता किशोर नाथ शाहदेव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिस समय अंबा प्रसाद का आवास खाली कराया जा रहा है, वह समय उचित नहीं है। दीपावली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर इस तरह की कार्रवाई से बचा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अंबा प्रसाद को इस पूरे मामले में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि अधिकारियों की वजह से गलत समय पर आवास खाली कराने की कार्रवाई की जा रही है।

JMMने कहा- आवंटन नहीं होने पर विभाग को कार्रवाई का अधिकार
दूसरी ओर,झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने इस मामले में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यदि किसी सरकारी आवास का नियमित आवंटन नहीं हुआ है,तो उसे खाली कराना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित भवन किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित किया जा चुका है। भवन निर्माण विभाग की ओर से भी कई बार आवास खाली करने के लिए रिमाइंडर भेजे जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद आवास खाली नहीं किया गया,जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई की। मनोज पांडे ने कहा कि अंबा प्रसाद को आवास स्वयं ही खाली कर देना चाहिए था।

आवास खाली कराने का मामला बना सियासी मुद्दा
अंबा प्रसाद के सरकारी आवास को खाली कराए जाने की कार्रवाई अब प्रशासनिक प्रक्रिया से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बन गई है। बीजेपी जहां इसे सरकार की बदले की राजनीति बता रही है, वहीं कांग्रेस ने कार्रवाई के समय पर आपत्ति जताई है। दूसरी तरफ JMM इसे नियमों और विभागीय प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई बता रहा है।

रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट

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