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12 नवंबर को झारखंड में 'स्टेयरिंग छोड़ो' अभियान, ड्राइवर मजदूर महासंघ ने किया आंदोलन का ऐलान

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Deepak Kumarलेखक

ड्राइवरों की सुरक्षा,सम्मान और रोजगार समेत 10सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क पर उतरेगा महासंघ,आंदोलन को अहिंसक और अनुशासित रखने का दावा
रांची: झारखंड में ड्राइवरों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर ऑल राइट्स ड्राइवर मजदूर महासंघ एसोसिएशन (ARDMMA) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। महासंघ आगामी 12 नवंबर को पूरे राज्य में 'स्टेयरिंग छोड़ो' अभियान चलाएगा। संगठन का कहना है कि लंबे समय से ड्राइवरों की समस्याओं और उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। अब ड्राइवरों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाओं को लेकर निर्णायक आंदोलन किया जाएगा।

10सूत्रीय मांगों को लेकर महासंघ का आंदोलन
महासंघ ने केंद्र और झारखंड सरकार के समक्ष 10 सूत्रीय मांग पत्र रखा है। संगठन की प्रमुख मांगों में ड्राइवर सुरक्षा कानून का निर्माण, ड्यूटी के दौरान चालकों के साथ मारपीट और अवैध वसूली पर सख्त कानूनी कार्रवाई शामिल है। इसके अलावा झारखंड के स्थानीय ड्राइवरों को कंपनियों, खदानों और फैक्ट्रियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।

हाईवे पर पार्किंग,शौचालय और विश्राम गृह की मांग
महासंघ ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर ड्राइवरों के लिए सुरक्षित पार्किंग, शौचालय और विश्राम गृह की व्यवस्था करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय तक वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के लिए बुनियादी सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा, उचित वेतन तथा काम के निश्चित घंटे तय करने की मांग भी की गई है।

ड्राइवर कल्याण बोर्ड बनाने की मांग
महासंघ ने ड्राइवरों के सामाजिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए अलग ड्राइवर कल्याण बोर्ड के गठन की मांग उठाई है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक स्तर पर ड्राइवरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

आंदोलन को अहिंसक रखने का निर्देश
ARDMMA के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 12 नवंबर का 'स्टेयरिंग छोड़ो' अभियान पूरी तरह अहिंसक, लोकतांत्रिक और अनुशासित रहेगा। संगठन ने अपने दिशा-निर्देशों में कहा है कि किसी भी चालक के साथ जबरदस्ती नहीं की जाएगी और न ही किसी वाहन की चाबी छीनी जाएगी।

एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं रहेंगी चालू
महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान एंबुलेंस, अग्निशमन दल, पुलिस और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं के वाहनों का परिचालन पूरी तरह सामान्य और निर्बाध रहेगा। अब देखना होगा कि 12 नवंबर को प्रस्तावित इस अभियान को राज्यभर के ड्राइवरों का कितना समर्थन मिलता है और सरकार ड्राइवरों की 10 सूत्रीय मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट

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