बोकारो-कड़ाके की पड़ रही ठंड के कारण छोटे बच्चों पर सबसे अधिक इसका असर देखा जा रहा है। लगातार सदर अस्पताल में बीमार बच्चों को दिखाने उनके माता-पिता पहुंच रहे हैं। बच्चों में सर्दी खांसी सहित अन्य लक्षण देखे जा रहे हैं। चिकित्सक भी घर वालों को बच्चों को ठंड से बचने की सलाह दे रहे हैं। इस मौसम में छोटे बच्चों को निमोनिया होने का खतरा अधिक होता है और ठंड के कारण छोटे बच्चों को उल्टी भी हो सकती है। इसलिए छोटे बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले गर्म कपड़े पहनाएं, साथ ही पैरों में टोपी और मोजे पहनाएं।


कड़ाके की ठंड में बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की है जरूरत

माता-पिता का कहना है कि ठंड बढ़ने के कारण बच्चों में इसका अधिक असर देखा जा रहा है। बच्चे सर्दी खांसी और बुखार का शिकार हो रहे हैं। बोकारो सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पंकज भूषण ने बताया कि ठंड बढ़ने से बच्चों में सांस लेने की बीमारी सबसे अधिक है। बच्चे रात के समय ठीक से सांस नहीं ले पा रहे हैं। बच्चों में सर्दी खांसी और बुखार सबसे अधिक है। ऐसे में बच्चों को ठंड से बचने के लिए उनके माता-पिता को ध्यान देना चाहिए।

साथ ही सर्दी के मौसम में घर में कभी भी बंद कमरे में आग नहीं जलानी चाहिए, क्योंकि इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जो हमारे लिए घातक साबित हो सकती है। वहीं अस्थमा और सांस की बीमारी के मरीजों को ज्यादा ठंड होने पर घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए, साथ ही गर्म चीजों जैसे सूप, चाय, कॉफी, संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए।