PATNA : बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि जब सामूहिक नियुक्तियां करने वाले चार आयोगों के शीर्ष प्रशासनिक पद ही आधे से ज्यादा खाली पड़े हैं और ये कछुआ चाल से काम कर रहें, तब बिहार सरकार 25 साल में भी 10.5 लाख लोगों को नौकरी देने का वादा पूरा नहीं कर पाएगी।साथ ही सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार उन युवाओं को नियुक्ति पत्र बांट रहे हैं, जिनकी बहाली की प्रक्रिया एनडीए सरकार के समय ही पूरी हो चुकी थी।आरजेडी समर्थित सरकार झूठा श्रेय लूटना चाहती है।

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार लोकसेवा आयोग (बीपीएससी) के 6 में से 3 सदस्य कार्यरत हैं। एक पद 22 माह से और दो पद 6 माह से खाली है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सेवा आयोग को सहायक प्रोसेसर के 4,638 पदों पर नियुक्ति करनी थी, लेकिन तीन साल की अवधि बीतने पर आयोग बमुश्किल 300 लोगों का चयन कर पाया।

पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि पांच साल पहले के पेपर लीक कांड में दोषी पाए गए कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष तीन साल बाद जेल से छूटे। आयोग के सचिव अब भी जेल में हैं। इस चार सदस्यीय आयोग के दो पद खाली हैं।वहीं तकनीकी सेवा आयोग डेढ़ साल से कामचलाऊ अध्यक्ष के सहारे है। उन्होंने कहा कि सात दलों के दबाव में काम करने वाली महागठबंधन सरकार जब आयोगों के चंद शीर्ष प्रशासनिक पदों पर बहाली नहीं कर पा रही है, तब वह रिक्त पदों पर 4.5 लाख और नये पदों पर 5.5 लाख नियुक्तियां कैसे कर पाएगी?

सुशील मोदी ने कहा कि उर्दू अनुवादकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन फरवरी 2019 में निकला और मई 2022 तक इम्तहान, रिजल्ट और काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर 149 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया जा चुका था। इन्हीं लोगों को नियुक्ति पत्र बाँट कर दिखावा किया जा रहा है। इसी तरह वे अब 10 हजार सिपाहियों को भी नियुक्ति पत्र बांटने वाले हैं।