धनबाद जिले के टुंडी अंचल अंतर्गत राजाभीटा पंचायत के कुकुरतोपा गांव से सरकारी और आम जनता के लिए इस्तेमाल किए जाने वाली जमीन पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। कुकुरतोपा गांव के ग्रामीणों ने धनबाद के उपायुक्त को लिखित आवेदन सौंपकर कर्माटांड़ के भू-माफियाओं पर करीब 21 एकड़ गैरआबाद सरकारी जमीन को हड़पने का आरोप लगाया है ग्रामीणों के अनुसार कुकुरतोपा गांव (मौजा नंबर 145) की नया सर्वे खाता संख्या 02, प्लॉट नंबर 5, 6 और 8 (रकबा 2 एकड़ 33 डिसमिल) तथा 1924 के पुराने खतियान में खाता संख्या 5, प्लॉट नंबर 01 (रकबा 21 एकड़ 5 डिसमिल) जमीन 'पुरातन पतित - जंगल झाड़ी' के रूप में दर्ज है जो गैर आबाद खाते की है। इस जमीन का उपयोग ग्रामीण दशकों से श्मशान घाट जाने के रास्ते और मवेशियों को चराने के लिए करते आ रहे हैं.
आरोप है कि कर्माटांड़ निवासी करमली मियां और उनके सहयोगियों ने नए सर्वे में धांधली कर इस कीमती सरकारी जमीन का खाता अपने नाम से दर्ज करवा लिया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त को दिए आवेदन में स्पष्ट किया है कि जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (XIII) धनबाद की अदालत (वाद संख्या T.A 17/2010) द्वारा आरोपी पक्ष के बंदोबस्ती के दावे को पहले ही खारिज किया जा चुका है अदालत के आदेश और 1924 के खतियानी साक्ष्यों के आधार पर अवैध रूप से खोले गए नए खाते को तत्काल रद्द किया जाए पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और 21 एकड़ की इस गैरआबाद सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
इस बड़े भूखंड पर सरकारी काम के अंचल की ओर से आम सूचना भी निकाला गया था परंतु ग्रामीण के अनुसार भूमाफियाओं की दबंगई के कारण इस पर कोई काम नहीं हो पाया. अदालत के फैसले के बावजूद सरकारी जमीन को व्यक्तिगत नाम पर दर्ज कराने का यह खेल स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि धनबाद जिला प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर शिकायत पर क्या संज्ञान लेता है और इस जमीन को भू-माफियाओं से कब तक मुक्त कराता है
