DESK : भारत ने एक बार फिर बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की है। कतर की जेल में बंद भारतीय नौसेना के सभी 8 पूर्व नौ सैनिकों को रिहा कर दिया गया है जिनमें से 7 नौ सैनिक वापस भारत लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई है। वहीं अपनी रिहाई से खुश एक नेवी वेटेरन ने भारत की धरती पर उतरते ही भारत मां की जय बोलते हुए अत्यंत भावुक हो गए इस दौरान ही उन्होंने कहा कि अगर PM मोदी ने खुद हस्तक्षेप नहीं किया होता तो आज हमारी रिहाई संभव नहीं थी। हमने भारत लौटने के लिए 18 महीने इंतजार किया। हमारी रिहाई भारत सरकार के सतत प्रयासों का ही नतीजा है।
गौरतलब है कि आठाें पूर्व नौसैनिक दोहा स्थित अल दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजिज में काम करते थे। इन्हें अगस्त, 2022 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, आरोप कभी सार्वजनिक नहीं किए गए। सूत्रों का कहना है कि सभी पर पनडुब्बी परियोजना की जासूसी करने का आरोप था। अल दाहरा ग्लोबल कंपनी कतर के सैन्य बलों व अन्य सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षण व अन्य सेवाएं मुहैया कराती है। एक साल से अधिक जेल में रहने के बाद पूर्व नौसैनिकों को कतर की निचली अदालत ने अक्तूबर में मौत की सजा सुनाई थी। केंद्र सरकार इससे हैरान रह गई थी क्योंकि कतर ने पहले इस बाबत कोई जानकारी नहीं दी थी। भारत ने फैसले के खिलाफ अपील की। कतर प्राकृतिक गैस का भारत को बड़ा आपूर्तिकर्ता है। वहां करीब आठ लाख भारतीय काम करते हैं। दोनों देशों के बीच हमेशा से बेहतर रिश्ते रहे हैं।
वहीं क़तर से वतन वापसी के बाद पूर्व नौसैनिक भावुक हो गए। इसी दौरान एक पूर्व नौसैनिक ने कहा कि PM मोदी के हस्तक्षेप के बिना हमारे लिए भारत लौटना संभव नहीं होता। भारत सरकार के लगातार प्रयासों के बाद ही हम वापस आ सके हैं। वहीं अन्य ने बताया कि हम 18 महीने बाद भारत आ सके हैं। हम PM मोदी और भारत सरकार को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हैं। घर लौटकर अच्छा लग रहा है।
