पटना: छठ पर्व को लेकर बिहार आने वाले यात्रियों की परेशानी अभी से बढ़ने लगी है. दिल्ली और मुंबई से बिहार आने वाली नियमित ट्रेनों में सीटें तेजी से भर रही हैं. करीब 70 हजार यात्री फिलहाल वेटिंग टिकट पर हैं, जबकि कई प्रमुख ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन गई है.
जानकारी के अनुसार, छठ के दौरान दिल्ली, मुंबई और आसपास के शहरों से करीब तीन लाख लोग बिहार पहुंचते हैं. इनमें बड़ी संख्या प्रवासी मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों की होती है, जो पर्व मनाने के लिए अपने घर लौटते हैं. यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे को 125 से अधिक अतिरिक्त ट्रेनों की जरूरत बताई जा रही है.
बिहार और दिल्ली-मुंबई के बीच करीब 62 ट्रेनों का परिचालन होता है. इनमें रोजाना करीब 48 से 50 ट्रेनें चलती हैं। एक ट्रेन में लगभग 1200 यात्रियों के लिए आरक्षण उपलब्ध होता है,लेकिन छठ के दौरान बढ़ने वाला यात्री दबाव नियमित क्षमता पर भारी पड़ रहा है.
संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस,अमृत भारत, ब्रह्मपुत्र मेल,सीमांचल एक्सप्रेस और गरीब रथ समेत कई ट्रेनों में नवंबर की अलग-अलग तारीखों पर सीटें उपलब्ध नहीं हैं. वापसी के लिए भी महानंदा, फरक्का, ब्रह्मपुत्र मेल और विक्रमशिला जैसी ट्रेनों में टिकट का संकट बताया गया.
पटना जंक्शन से दिल्ली रूट पर 32 ट्रेनें हैं और रोज करीब 60 हजार यात्री सफर करते हैं. छठ को लेकर अब यात्रियों की नजर रेलवे की अतिरिक्त ट्रेनों के ऐलान पर टिकी है.

