पटना। केन्द्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि यह चिंता की बात यह है कि आज देश भर की अदालतों में करीब 5 करोड़ मामले लंबित हैं। राजस्थान के जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि इन मामलों को कम करने के लिए सरकार और न्यायपालिका को समन्वय में काम करने की जरूरत है।
किरण रिजिजू ने कहा कि कल मैनें अपने डिपार्टमेंट के ऑफिसर से बात की है कि कुछ ऐसा ठोस कदम उठाना चाहिए जिससे हम 2 करोड़ केस को 2 साल में खत्म कर सकें। मैं कही भी जाता हूं तो पहला सवाल मेरे सामने यही आता है कि सरकार पेंडिंग केस को खत्म करने के लिए क्या कदम उठा रही है।
कुछ दिनों पहले एक कार्यक्रम के दौरान किरण रिजिजू ने कहा था कि भारत में जजों पर दबाव का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि ब्रिटेन में जहां जज दिनभर में तीन से चार मामले पर ही फैसला सुनाते हैं। वहीं, भारत में जजों को 40-50 मामलों पर फैसला सुनाना पड़ता है। उन्होंने इस दौरान वकीलों की मोटी फीस पर भी चिंता जताई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आगामी मानसून सत्र में मध्यस्थता बिल को कुछ संशोधन के साथ लाया जाएगा।

