पटना:बिहार के सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। निर्धारित उपस्थिति से कम रहने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा सकता है। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

निर्देश के अनुसार, 1अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर आंकड़े तैयार किए जाएंगे। इन आंकड़ों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक होगी, उनके सामने पोर्टल पर ‘यस’ दर्ज किया जाएगा। वहीं, 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के सामने ‘नो’ दर्ज किया जाएगा।

विद्यालय प्रधानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों की उपस्थिति का डाटा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आंकड़ों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद जिला स्तर पर आंकड़ों को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।

यदि सत्यापन के दौरान किसी विद्यार्थी की उपस्थिति के आंकड़ों में गलती पाई जाती है तो विद्यालय प्रधान को उसे सुधारने का अवसर दिया जाएगा। संशोधन के बाद सही आंकड़े दोबारा शामिल किए जाएंगे।

जिला स्तर पर स्वीकृत आंकड़ों के आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली राशि उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आंकड़ों में गड़बड़ी या किसी तरह की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट