दलित सम्मान पर बयानबाजी
नीतीश के बहाने जीतनराम मांझी और अशोक चौधरी के बीच सोसल मीडिया पर छिड़ी जंग..
PATNA:-बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और नीतीश सरकार के भवन निर्माण मंत्री सोसल मीडिया के जरइे आपस में भिड़ गये हैं.पूर्व सीएम जीतनराम मांझी द्वारा सीएम नीतीश कुमार पर दिलों के प्रति नफरत का आरोप लगाये जाने पर मंत्री अशोक चौधरी बड़क गये और मांझी के नाम से पज्ञ लिखा दिया..पहले बतात हैं कि सीएम जीतनराम मांझी ने क्या लिखा था.दरअसल मांझी ने ससोल मीडिया X पर ट्वीट करे लिखा था कि
'नीतीश जी आखिर आपको दलितों से इतनी नफ़रत क्यों है?
सदन के अंदर मुझे अपमानित किया,
बेगुनाह SC पर अत्याचार करवाया,
अब अपने MLA से मेरे बहाने मुसहरों को गाली दिलवा रहे है,
SC से इतनी ही नफरत है तो अधिसूचना जारी करके दलितो को राज्य से निकाल ही दिजिए,ना दलित रहेगे ना आप उनसे नफरत करेगे
मांझी के इस ट्वीट पर अशोक चौधरी ने उनके सौसल मीडिया को टैग करके लिखा कि-
आदरणीय,
जीतनराम मांझी जी
नमस्कार!
बढ़ती उम्र के साथ आपकी स्मरण शक्ति कमजोर हो गई है!मैं याद दिलाता हूं। वो नीतीश जी ही थे जिन्होंने अपना पद त्यागकर आपको बिहार का पहला महादलित मुख्यमंत्री बनाया था और समाज, क्षेत्र और प्रदेश के विकास को गति देने का अवसर दिया था। लेकिन उस समय आप विकास कार्य करने में आप असफल साबित हुए।
महात्मा गांधी जी दलित नहीं थे लेकिन समाज में दलितों के उत्थान और छुआछूत जैसी कुरूतियों को समाप्त करने के लिए उन्होंने जो किया, उसी का प्रतिफल आज बिहार व देश में दिखाई देता है। बाबासाहेब और गांधी जी के मार्ग पर चलते हुए बिहार में दलित और शोषित वर्ग के लिए जो काम नीतीश जी ने किए हैं। वह सदियों तक के लिए इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। मुझ जैसे अदने से व्यक्ति को संगठन में जो स्नेह, आदर और सम्मान मिला वो भी उन्हीं की देन है। आपको आत्म-सुधार की आवश्यकता है!
वहीं अशोक चौधरी के पत्र पर मांझी ने फिर से पलटवार किया,मांझी ने अशोक चौधरी के पत्र पर लिखा कि ---
सादर!
अशोक जी किसी दलित को CM बनाकर अपने MLA से गाली दिलवाना दलित सम्मान है?
किसी मुसहर को रबड स्टॉम्प सीएम समझना दलित सम्मान है?
अपने से बड़े उम्र के किसी महादलित पुर्व मुख्यमंत्री को सदन के अंदर तू-तड़ाक की भाषा में बात करना सम्मान है?
यदि यह सम्मान है,तो आपको ऐसा सम्मान मुबारक।
बताते चलें कि अपने मंत्रिमंडल के सहयोगी रहे जीतनराम मांझी को नीतीश कुमार ने ही 2024 में सीएम बनया था और बाद में उन्हें हटाकर फिर से मुख्यमंत्री बने थे.इस बीच जातनराम मांझी अपनी पार्टी बनाकर जेडीयू से अलग हुए.वे 2015 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ,2019 का लोकसभा चुनाव आरजेडी के साथ और 2020 का विधानसभा चुनाव जेडीयू के साथ लड़ा था.पिछले साल ही नीतीश कुमार ने उन्हें अपनी हम पार्टी को जेडीयू में मर्ज नहीं करने पर बाहर का रास्ता दिखाया था.अभी मांझी बीजेपी के साथ हैं और नीतीश कुमार को लेकर कभी सॉफ्ट तो कभी हार्ड बयान देते रहतें हैं.नीतीश कुमार के बहाने दलित सम्मान के मुद्दे पर मांझी और अशोक चौधरी एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं.
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