उपचुनाव में तेजस्वी और कन्हैया आमने- सामने
कांग्रेस के स्टार प्रचारको में फिल्मी स्टार शत्रुध्न सिंहा से लेकर मशहूर शायर इमरानप्रताप गढी भी
कन्हैया , हार्दिक पटेल और जिग्नेश को एक साथ चुनावी अखाड़े में उतारा कांग्रेस ने
PATNA:-बिहार समेत पूरा देश भले ही नवरात्र में शक्ति की अराधना कर रहा हो लेकिन बिहार के राजनीतिक दल अपनी खोयी हुई ताकत को वापस लाने के लिये बेचैन दिख रहे हैं. यही वजह है कि पिछले एक सप्ताह के अंदर चाहे सत्ता धारी दल जद यू हो या फिर मुख्य विपक्षी दल राजद दोनो ने अपने स्टार प्रचारको समेत सभी विधायको और मंत्रियो को चुनाव मैदान में झोंक दिया है. इतना ही नही दोनो दलो ने जो स्टार प्रचारको की लिस्ट जारी की उसमें पार्टी के सबसे बड़े नेता के अलावे वैसे दूसरी और तीसरी पंक्ति के स्थानीय नेता भी शामिल है जो जातीय समीकरण में फिट बैठ रहे हैं.लेकिन इन सबसे इतर कांग्रेस ने भी मंगलवार को 20 स्टार प्रचारको की सूची जारी की है जिनमें से अधिकांश कांग्रेस के स्टार तो है लेकिन दोनो उप चुनाव क्षेत्रो के जातीय समीकरण के मामले में उनकी हैसियत फिट नही बैठती है.
कांग्रेस के स्टार प्रचारको की सूची मे जातीय समीकरण के अलावे वरीयता का भी विशेष ख्याल रखा गया है जिसमें पूर्व लोक सभा अध्यक्ष और दलित नेत्री मीरा कुमार का नाम सबसे पहले है फिर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर दूसरे स्थान पर और बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास तीसरे स्थान पर पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार 6 ठे स्थान पर है.
लेकिन कांग्रेस की सूची में सबसे दिलचस्प उन स्टार प्रचारको का नाम है जो वास्तव में स्टार है. फिल्मी दुनिया में बिहारी बाबू के नाम से प्रसिद्ध शत्रुध्न सिंहा इस सूची में 9 वे स्थान पर है तो दूसरी ओर मशहुर युवा शायर इमरान प्रताप गढी 15 वे स्थान पर .
इतना ही नही कांग्रेस ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और स्टार प्रचारक तेजस्वी प्रसाद यादव के खिलाफ तीन युवा स्टार प्रचारक उतारे है जिसमे जे एन यू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार , गुजरात के चर्चित युवा नेता हार्दिक पटेल और दलित विधायक जिग्नेश मेवाणी को भी चुनाव मैदान में उतारा है.
कभी महागठबंधन के लिये चुनाव प्रचार करने वाले कन्हैया जहां इस बार तेजस्वी के खिलाफ आमने सामने होगें वहीं वामपंथी दल समर्थित राजद उम्मीदवार को हराने की जनता से अपील भी करेगें. कभी महागठबंधन में रहने के बावजूद एक दूसरे से परहेज करने वाले तेजस्वी और कन्हैया एक दूसरे के खिलाफ जनता के बीच आमने सामने ही नही होंगें बल्कि एक दूसरे की पोल भी खोलेगें.
हालांकि कुशेश्वर स्थान और तारापुर में आगामी 30 अक्टूबर को चुनाव होना है लेकिन इस चुनाव को महागठबंधन में मचे रार के बाद अब जिस तरह से कांग्रेस ने जबाब देने की तैयारी की है इससे यह चुनाव काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है यानि सत्ताधारी गठबंधन एन डी ए को हराने के बहाने राजद और कांग्रेस एक दूसरे से ही फरिया लेने के मूड में है.
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