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'द कश्मी​र फाइल्स' पर विवाद शुरू

IFFI 2022 के जूरी ने कहा— 'अश्लील और प्रोपगैंडा वाली फिल्म है'

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ROSHAN KUMAR JHAलेखक

PATNA- गोवा में इन दिनों इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पहली बार बिहार की मैथिली भाषा में निर्मित लोटस ब्लूम्स का भी प्रदर्शन किया गया। इसी बीच इस समारोह से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया अर्थात इफी में

इजराइली फिल्म निर्माता और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के ज्यूरी प्रमुख नदव लापिड ने स्टेज पर खुलेआम सबके सामने कश्मीर फाइल्स को प्रोपेगेंडा मूवी बताया। उन्होंने कहा कि इफी एक प्रतिष्ठित मंच है। ऐसे समारोह में इस तरह की फिल्म की स्क्रीनिंग देखकर हम "परेशान और हैरान" हैं। यह हमें प्रोपेगेंडा बेस्ड और वल्गर फिल्म की तरह लगी, जो इस तरह के एक प्रतिष्ठित फिल्म समारोह में बिलकुल शामिल होंने योग्य नहीं है।

नदव लापिड का यह वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग लापिड का समर्थन कर रहे हैं तो कई लोगों ने लापिड को सोच संभलकर बोलने को कहा है। द कशमीर फाइल्स फिल्म में काम करने वाले अभिनेता ने इस वीडियो के बाद लापिड का नाम लिए बिना एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि झूट का क़द कितना भी ऊँचा क्यों ना हो.. सत्य के मुक़ाबले में हमेशा छोटा ही होता है..

दूसरी ओर एक समाचार एजेंसी से बात करने के दौरान अनुपम खेर ने कहा कि हम भगवान से प्रार्थना करने आए हैं कि द कश्मीर फाइल्स सिनेमा को प्रोपेगेंडा बताने वाले लोगों को भगवान सदबृद्धि दे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश विरोधी ताकते फिर से इस सेनामा को बदनाम करने के लिए एक्टिव हो गई है।

वहीं इस फिल्म के निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि सच अपने आप में कड़वा होता है, यह लोगों को झूठा बनाता है। बताते चले कि द कश्मीर फइल्स सिनेमा में दिखाया गया है कि किस तरह से कश्मीरी पंडितो को प्रताड़ित करके वहां से भगा दिया गया।

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