Live

SOCIAL MEDIA

लालू को हॉस्पिटल में श्रीमद्भगवत गीता का पाठ सुनाना चाहते थे तेजप्रताप, कहा- मुझे जबरन रोका गया

D
DESKलेखक

PATNA-लालू के लाल तेजप्रताप ने राजद के एक वरिष्ठ नेता पर गंभीर आरोप लगाया है। तेजप्रताप ने कहा कि हॉस्पिटल में मैं अपने पिताजी को श्रीमद्भागवत गीता का पाठ सुनाना चाहता था, लेकिन मुझे एक पापी ने रोक दिया। उस अज्ञानी को इका अंजाम भुगतना होगा। तेज प्रताप यादव ने सोमवार रात ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा, "पापा को परिवार और बिहार की जनता की जरूरत है ना कि चापलूसों की। कुछ बाहरवाले लोग खुद को मुंह मिया मिठ्ठू बता रहे हैं,भोला भाला बन पिताजी की सेवा का दिखावा कर रहे हैं। ऐसे कपटी और पाखंडी को जल्द बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।'

आइए जानते हैं तेजप्रताप ने क्या बोला है....खुद को पिताजी के सामने बहुत भोला भाला बनने का नाटक करने वाले भोलू ने पिताजी को अस्पताल में श्रीमद भगवद गीता का पाठ करने एवं सुनने से रोक दिया...इस अज्ञानी को ये नही पता कि इस महापाप की कीमत उसे इसी जन्म में चुकानी होगी...

श्रीमद भगवद गीता पढ़ने के फायदे-

1 – गीता के नियमित पाठ से हमारा मन शान्त रहता है।

2 – हमारे अंदर के सारे नकारात्मक प्रभाव नष्ट होने लगते हैं।

3 – हमारे सोचने और समझने की शक्ति में बृद्धि होने लगती है

4 – सभी प्रकार की बुराइयों से दूरी खुद-ब-खुद बनने लगती है।

5 – हमारे अंदर का सारा भय दूर हो जाता है और हम निर्भय बन जाते हैं।

6 – गीता हमारे अंदर के भ्रम को दूर करके हमारा साक्षात्कार से परिचय कराती है।

7 – यह हमारे ज्ञान की सीमा को ख़त्म करके हमारे दिमाग के ढक्कन को खोल देती है।

8 – गीता हमें बताती है कि ये मानव जीवन कितना महत्वपूर्ण है।

9 – गीता का नियमित पाठ करने वाला व्यक्ति हमेशा प्रसन्न और भयमुक्त रहता है।

10 – गीता को नियमित पढ़ने वाला पुरुष एक दिन महापुरुष बन जाता है।

जय श्री कृष्ण

इस ख़बर को शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।

पूरी वेबसाइट पर पढ़ें और ख़बरें