BIHAR
पूर्णिया के विद्या विहार में स्टार्ट-अप मेले का भव्य आयोजन, विद्यार्थियों ने नवाचार और तकनीक का दिखाया हुनर
पूर्णिया: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के उद्यमिता प्रकोष्ठ (E-Cell) की राष्ट्रीय उद्यमिता प्रतियोगिता (NEC Junior 2026) के अंतर्गत विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल, परोरा में स्टार्ट-अप मेला एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्णिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 डॉ. गौरव कुमार और विद्यालय के सचिव अभियंता राजेश चंद्र मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, नवाचार और उद्यमशीलता का प्रदर्शन किया। मेले में विद्यार्थियों द्वारा संचालित व्यावसायिक स्टॉल, हस्तनिर्मित उत्पाद, मनोरंजक खेल और तकनीकी परियोजनाएं आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।
स्टार्ट-अप मेले में विद्यार्थियों ने दिखाई व्यावसायिक प्रतिभा
मेले में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों, आकर्षक उत्पादों और रचनात्मक वस्तुओं के स्टॉल लगाए। शाइनी स्टार, क्रेविंग्स एंड कैंडल्स, स्वीटटूथ, चटोरी अड्डा, कोसारा, द स्वीट एंड डिलिशियस बाइट्स तथा स्वीट-स्पाइसी खड़के ग्लास जैसे स्टॉलों पर विद्यार्थियों ने अपने उत्पादों की प्रस्तुति और बिक्री की।
इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्पाद तैयार करने, लागत का आकलन करने, मूल्य निर्धारित करने, ग्राहकों से संवाद करने और बिक्री प्रबंधन जैसी गतिविधियों में भाग लिया। इससे उन्हें व्यावसायिक प्रक्रियाओं और वित्तीय प्रबंधन को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
खेल और मनोरंजक गतिविधियां भी रहीं आकर्षण का केंद्र
मेले में ओपी, माइंड क्राफ्ट–कार रेसिंग चैलेंज, लकी स्लाइड–विन प्राइज, एडवेंचरर्स और ब्रेन बज जैसे स्टॉलों पर मनोरंजक खेल एवं चुनौतीपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं। इन स्टॉलों के संचालन में विद्यार्थियों ने टीमवर्क, प्रबंधन क्षमता और संवाद कौशल का परिचय दिया।
वहीं, क्रिएटिव कॉर्नर, चेरिश 2.0, द आर्टफुल ऑरा, श्रीधा, कलाकृति और रंगरेज जैसे स्टॉलों पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों, सजावटी वस्तुओं और कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने कला को उद्यमिता और स्वरोजगार से जोड़ने की संभावनाएं भी प्रदर्शित कीं।
रोबोटिक्स और स्मार्ट सिंचाई परियोजनाओं ने खींचा ध्यान
प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और स्वचालन पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने आगंतुकों को अपनी परियोजनाओं की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा, तकनीकी दक्षता और वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता देखने को मिली। परियोजनाओं के माध्यम से उन्होंने यह दिखाया कि तकनीकी ज्ञान का उपयोग दैनिक जीवन की चुनौतियों के समाधान में किस तरह किया जा सकता है।
शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं : राजेश चंद्र मिश्रा
विद्यालय के सचिव अभियंता राजेश चंद्र मिश्रा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, नए विचार विकसित करने, प्रयोग करने और अपनी गलतियों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों को कम उम्र से ही उद्यमशीलता, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने आईआईटी बॉम्बे के ई-सेल की एनईसी जूनियर जैसी पहलों को विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. गौरव कुमार ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गौरव कुमार ने मेले के विभिन्न स्टॉलों और तकनीकी परियोजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके उत्पादों, व्यावसायिक विचारों और तकनीकी मॉडलों के संबंध में बातचीत की तथा उनके प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, नए प्रयोग करने, अपनी गलतियों से सीखने और समाज के लिए उपयोगी कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिज्ञासा, अनुशासन, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक अनुभव
एनईसी जूनियर 2026 के अंतर्गत आयोजित इस मेले में विद्यार्थियों को उत्पाद निर्माण, लागत निर्धारण, विपणन, बिक्री, वित्तीय प्रबंधन और प्रस्तुतीकरण जैसी प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला। इसके साथ ही उन्होंने टीम भावना, समय प्रबंधन, निर्णय क्षमता और समस्या समाधान जैसे जीवन कौशलों का भी अनुभव प्राप्त किया।
विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम अनुभव आधारित शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। मेले ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और भविष्य में उद्यमिता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
पूर्णिया से जेपी मिश्रा की रिपोर्ट
इस ख़बर को शेयर करें
अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।