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संविधान-सदन में BRICS देशों के पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहयोग पर हुई चर्चा
नई दिल्ली: दिल्ली स्थित संसद भवन के ऐतिहासिक संविधान-सदन में BRICS देशों के पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में भारत की संसदीय परंपराओं, लोकतांत्रिक संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस आयोजन में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की मौजूदगी रही।
कई प्रमुख नेताओं ने की शिरकत
सम्मेलन में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता भी शामिल हुए। वहीं, बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति प्रो. (डॉ.) राम वचन राय ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
BRICS देशों के पीठासीन अधिकारियों की भागीदारी ने इस सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय संसदीय संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाया। इस दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और विभिन्न देशों के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
वैश्विक मंच पर भारतीय संसदीय परंपराओं का प्रदर्शन
संविधान-सदन में आयोजित इस सम्मेलन के माध्यम से भारत की संसदीय विरासत और लोकतांत्रिक व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। भारत की संसदीय कार्यप्रणाली, संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका जैसे विषय इस तरह के आयोजनों में विशेष महत्व रखते हैं। सम्मेलन में BRICS देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से विभिन्न देशों के संसदीय अनुभवों को साझा करने और आपसी संवाद को आगे बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
संसदीय संवाद और सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
BRICS देशों के पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संसदीय संवाद को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे मंचों के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं के अनुभवों, संसदीय प्रक्रियाओं और सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जाती है। ऐतिहासिक संविधान-सदन में आयोजित इस कार्यक्रम ने भारत की संसदीय विरासत और लोकतांत्रिक परंपराओं को एक बार फिर रेखांकित किया।
संजय कुमार की रिपोर्ट
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