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सहरसा के नवहट्टा नगर पंचायत की हकीकत

70साल पहले बसे इस गांव में आज भी सड़कें नहीं,ऊबड़-खाबड़ रास्ता बना जानलेवा

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archana singhलेखक

सहरसा: जिले के नवहट्टा नगर पंचायत में विकास के दावों की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है. नगर पंचायत बनने के बाद भी एक वार्ड के लोग आज तक पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं. कच्ची और जर्जर सड़क पर रोजाना जान जोखिम में डालकर लोग आवागमन करने को मजबूर हैं.

यह तस्वीरें सहरसा जिले के नवहट्टा नगर पंचायत के वार्ड संख्या-3 स्थित पश्चिमी टोला की हैं. जहां वर्षों से सड़क नहीं बनने के कारण स्थानीय लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. सड़क के नाम पर सिर्फ कच्चा और ऊबड़-खाबड़ रास्ता है,जिस पर पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है.


वार्डवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की,लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है.लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग करते हुए कहा कि अब उन्हें वादे नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम चाहिए.

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत का गठन होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि बुनियादी सुविधाएं जल्द मिलेंगी,लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद आज तक इस वार्ड में पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया. नतीजा यह है कि हर दिन लोगों को इसी बदहाल रास्ते से गुजरना पड़ता है.

बारिश के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं. सड़क पर कीचड़ और जलजमाव होने से स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है. बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है,जबकि मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में भी लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई बार दोपहिया वाहन फिसलकर गिर जाते हैं,जिससे हादसे का खतरा लगातार बना रहता है.

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