सहरसा
कोसी के उफान से घरों में घुसा बाढ़ का पानी,लोग अपने घर छोड़कर तटबंध पर शरण लेने को मजबूर
सहरसा:कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने नवहट्टा प्रखंड के कई पंचायतों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है. बाढ़ का पानी अब घरों में प्रवेश करने लगा है. हालात ऐसे हैं कि कई परिवार अपने घर छोड़कर कोसी तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं.
तस्वीरें सहरसा के नवहट्टा प्रखंड की हैं.प्रखंड के केड़ली, बाकुनिया,नोलआ, शाहपुर, बक्कौर और सत्तौर पंचायत के कई इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है.छोटे बच्चे,महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान है.जहां कोसी के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है.कहीं घर के आंगन में पानी है तो कहीं घर के अंदर तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है.लोग अपने जरूरी सामान को समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर है.
बताया जा रहा है कि नेपाल की ओर से उम्मीद से कम पानी छोड़े जाने और बारिश रुकने के बावजूद करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज से कोसी के आस-पास के कई इलाके प्रभावित हुए है.पानी बढ़ने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों ने कोसी तटबंध को ही अपना आशियाना बना लिया है.
ग्रामीणों का कहना है कि घर में पानी घुसने के बाद परिवार और सामान को सुरक्षित रखने के लिए बांध पर आना मजबूरी बन गया है.सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पानी का स्तर लगातार बढ़ता रहा तो इन परिवारों की सुरक्षा और रहने-खाने की व्यवस्था कैसे होगी?
हालांकि,प्रशासन और सरकार की ओर से राहत कार्य किए जा रहे हैं और जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने का प्रयास जारी हैं,लेकिन बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की मांग है कि सूखा राशन, प्लास्टिक, पीने का पानी और दूसरी जरूरी राहत सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए.
बाढ़ की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती छोटे बच्चों,बुजुर्गों और महिलाओं के लिए खड़ी हो गई है.ग्रामीणों को प्रशासन से मदद की आस है.
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