RPF जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़
मुंगेर के तारापुर के रहनेवाले RPF जवान की चक्रधरपुर रेल मंडल क्षेत्र में पब्लिक झड़प में हुई थी मौत
MUNGER तारापुर थाना क्षेत्र के तेघरा गांव निवासी राजेश कुमार सिंह के 25 वर्षीय पुत्र आरपीएफ जवान शमशेर कुमार सिंह का शव ताबूत में तिरंगा से लपेट कर घर पहुंचा तो परिवार के साथ ही पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ था।वही जवान के आखरी दर्शन को लेकर भारी भीड़ अपने आंसू को नहीं रोक पाए ।जवान का शव चक्रधरपुर रेल मंडल के बांसपानी से तेघरा गांव आया था।
बता दें की आरपीएफ के जवान 12 अक्टूबर को बांसपानी रेलवे स्टेशन पर ग्रामीणों की हमले में बुरी तरह से घायल हो गए थे।उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल टीएमएच में इलाज के लिए लाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।परिजनों के अनुसार आरपीएफ जवान वर्ष 2019 में रेल पुलिस में बहाल हुआ था। चक्रधरपुर रेल मंडल के बांसपानी रेलवे स्टेशन पर कार्यरत था।
शव के साथ आए आरपीएफ के निरीक्षक प्रभारी अशोक कुमार पांडे ने बताया कि पिछले दिनों बांसपानी रेलवे स्टेशन में घूम रहे एक ग्रामीण को आरपीएफ के जवानों ने पकड़ लिया था।फिर उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।आरपीएफ थाना से ग्रामीण अपने घर पहुंचा और उनकी मौत हो गई।जिसके कारण आक्रोशित ग्रामीणों ने बांसपानी रेलवे स्टेशन पर हमला बोल दिया।जिसमें आरपीएफ के एक दरोगा सहित दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।जिसमें एक की मौत इलाज के दौरान हो गई। उसके बाद टाटानगर बैरक से आरपीएफ के सुरक्षाकर्मियों ने मृतक जवान का शव लेकर पहुंचे,जहां पहले से ही आरपीएफ के जवान का अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा हुआ था। मृतक आरपीएफ का जवान अपने माता-पिता का तीन पुत्रों में सबसे छोटे थे। अभी तक उनकी उनकी शादी भी नहीं हुई थी।
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