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रांची में दुर्लभ रेड सैंड बोआ सांप का रेस्क्यू, करोड़ों की कीमत के दावों से चर्चा तेज

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Deepak Kumarलेखक

रांची:झारखंड की राजधानी रांची में वन विभाग और पुलिस की टीम ने दुर्लभ रेड सैंड बोआ सांप का रेस्क्यू किया है। इस कार्रवाई के बाद सांप की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अवैध वन्यजीव बाजार में इसकी कथित कीमत को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में सांप की वास्तविक कीमत या किसी तस्करी नेटवर्क से संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है।

रेड सैंड बोआ अपने विशिष्ट रंग और बनावट के कारण पहचाना जाता है। वन्यजीव तस्करी से जुड़ी चर्चाओं में इस प्रजाति का नाम पहले भी सामने आता रहा है।

रेड सैंड बोआ को लेकर क्यों होती है चर्चा?

रेड सैंड बोआ एक गैर-विषैला सांप है, जो मुख्य रूप से जमीन के भीतर या उसके आसपास रहता है। इसका शरीर अपेक्षाकृत मोटा और पूंछ कुंद होती है, जिसके कारण इसका अगला और पिछला हिस्सा देखने में कुछ हद तक समान लग सकता है।

इस प्रजाति को लेकर अवैध वन्यजीव व्यापार में ऊंची कीमत मिलने के कई दावे प्रचलित हैं। कुछ रिपोर्टों में इसकी कथित कीमत एक करोड़ रुपये से लेकर25 करोड़ रुपये तक बताई जाती है। हालांकि, इन आंकड़ों की विश्वसनीय स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। इसलिए इन्हें सांप की वास्तविक बाजार कीमत मानना उचित नहीं होगा।

अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़ाव की पुष्टि जरूरी

रेड सैंड बोआ के संबंध में विभिन्न देशों में अवैध वन्यजीव व्यापार और पारंपरिक मान्यताओं से जुड़ी चर्चाएं सामने आती रही हैं। लेकिन किसी विशेष सांप के रेस्क्यू को अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जोड़ने के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी हैं।

रांची में हुई इस कार्रवाई के मामले में भी यह स्पष्ट होना बाकी है कि सांप कहां से मिला, उसे किस परिस्थिति में रखा गया था और क्या इसके पीछे किसी व्यक्ति या संगठित गिरोह की भूमिका थी।

वन विभाग की जांच से सामने आएगी पूरी जानकारी

रेस्क्यू के बाद मामले में वन विभाग और पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के जरिए सांप की बरामदगी की परिस्थितियों, संभावित संलिप्त व्यक्तियों और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।

दुर्लभ वन्यजीवों का अवैध कारोबार जैव विविधता और प्राकृतिक पारिस्थितिकी के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे मामलों में समय पर रेस्क्यू, वैज्ञानिक पहचान और कानूनी कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं।

महत्वपूर्ण: रेड सैंड बोआ की करोड़ों रुपये की कीमत संबंधी दावे अपुष्ट हैं। रांची में हुई इस बरामदगी को किसी अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जोड़ने की पुष्टि भी आधिकारिक जानकारी के बिना नहीं की जा सकती।

रांची से नैयर की रिपोर्ट

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