रामधुन में रमी कश्मीरी लड़की
बतूल जहरा ने गाया राम भजन, मधुर गीत सुन झूम उठा सारा देश
DESK : इन दिनों सोशल मीडिया पर राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर लोगो में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी बीच एक कश्मीरी लड़की द्वारा गाया राम भजन काफी वायरल हो रहा है। वहीं सारा देश भगवान राम के रंग में रंगा नजर आ रहा है। बता दें कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन समारोह होने वाला है।
19 वर्षीय कश्मीरी लड़की सैयदा बतूल जेहरा (Syeda Batool Zahra) ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले पहाड़ी भाषा में राम भजन गाया है। बतूल जहरा नाम की इस लड़की का गाना देशभर में काफी पसंद किया जा रहा है। जहरा ने आगे बताया कि मैंने जुबिन नौटियाल का एक राम भजन सुना। मुझे यह बहुत पसंद आया। मैंने सोचा कि अगर यह गाना हिंदी में गाया जा सकता है तो पहाड़ी भाषा में क्यों नहीं। इसके बाद मैंने यह गाना लिखा और गाया। मैंने इस गाना को रिकॉर्ड किया और अपने सर को दिखाया। मेरे सर ने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया और यह वायरल हो गया।
लेफ्टिनेंट जनरल को दिया धन्यवाद
जहरा ने कहा कि मैं जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट जनरल मनोज सिन्हा को खास धन्यवाद देती हूं। उनकी वजह से लोगों के दिमाग से नकारात्मक चीजें दूर हो रही हैं। मैंने जब से राम पर यह गाना गाया है, हमारे मुस्लिम भाइयों ने भी मेरी सराहना की है। हमारे इमाम ने भी तारीफ की और संदेश दिया हमें अपने मुल्क से प्यार करना चाहिए। श्री राम को उनकी ईमानदारी और न्याय में विश्वास के कारण पुरुषोत्तम कहा जाता है।
जहरा ने की PM की तारीफ
वहीं जहरा वीडियो में कहती नजर आ रही है कि हमारे प्रधानमंत्री ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले 11 दिनों का व्रत रखा है। आज हमारा पूरा मुल्क राम के गीत गा रहा है। रामधुन गुनगुनाने में हमारा जम्मू-कश्मीर भी पीछे नहीं है। इसके बाद जहरा पहाड़ी भाषा में लिखा गाना गाती हैं। इस गाने के बोल का हिंदी अर्थ है कि वह दिन आ गया है जब सीता जी के साथ श्री राम आएंगे। श्रीराम के भक्त हनुमान भी उनके साथ पधारेंगे। सभी लोग स्वागत में ढोल बजाएं, झूमें गाएं।
कौन है बतूल जहरा
बता दें कि जहरा जम्मू-कश्मीर के उरी के कॉलज में पढ़ती हैं और प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। जहरा उरी के इमामिया पब्लिक स्कूल से दसवीं की है। बारहवीं में जहरा ने 500 अंकों में से 469 अंक हासिल किए थे। जहरा का गांव बिल्कुल सीमा के पास और वह जम्मू-कश्मीर की पहाड़ी जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। जहरा ने यह भजन खास तौर पर अयोध्या में होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले देश के लोगों को डेडिकेट किया है।
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