BIHAR NEWS
राज्यपाल से IFS के 7 अधिकारियों ने की मुलाकात, राज्य की विरासत और विकास पर हुई चर्चा
पटना:बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) से भारतीय विदेश सेवा (IFS) के सात अधिकारियों ने मुलाकात की। मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण के तहत बिहार पहुंचे इन अधिकारियों ने बिहार लोक भवन में राज्यपाल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, बौद्ध धर्म से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों और राज्य की विकास संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बिहार की बौद्ध विरासत और नालंदा की ज्ञान परंपरा पर विमर्श
बैठक के दौरान बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से राज्य की बौद्ध विरासत और प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की ज्ञान परंपरा पर चर्चा हुई।
बिहार को ऐतिहासिक रूप से ज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। अधिकारियों के साथ बातचीत में इन विरासतों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने और उनकी महत्ता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के पहलुओं पर भी विचार साझा किए गए।
बदलते वैश्विक परिदृश्य में बिहार की सामरिक महत्ता पर चर्चा
बैठक में बिहार की सामरिक महत्ता और बदलते वैश्विक परिदृश्य के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों ने राज्य की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी संभावनाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
इस तरह की बैठकें प्रशासनिक अनुभवों और वैश्विक दृष्टिकोण को साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं। साथ ही, राज्य की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विशेषताओं को व्यापक स्तर पर समझने में भी मदद मिलती है।
प्रवासी बिहारियों को विकास से जोड़ने पर राज्यपाल का जोर
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बिहार के विकास में प्रवासी बिहारियों की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने राज्य की प्रगति के लिए देश-विदेश में रहने वाले बिहार मूल के लोगों के अनुभव, ज्ञान, कौशल और संसाधनों का उपयोग करने की संभावनाओं पर ध्यान आकर्षित किया।
प्रवासी बिहारियों को राज्य के विकास से जोड़ने से निवेश, शिक्षा, तकनीक, उद्यमिता और रोजगार जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही बिहार की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने में भी मदद मिल सकती है।
सांस्कृतिक विरासत और विकास की संभावनाओं पर हुआ विचार-विमर्श
बैठक में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और राज्य की विकास संभावनाओं को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत यह मुलाकात बिहार के इतिहास, सामरिक महत्व और सामाजिक-आर्थिक संभावनाओं को समझने का अवसर बनी।
राज्य की ऐतिहासिक पहचान और प्रवासी समुदाय की भागीदारी को विकास के साथ जोड़ने पर दिया गया जोर बैठक का प्रमुख विषय रहा।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
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