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राज्य में भाजपा ने छेड़ी NRC की मांग

बाबूलाल मरांडी ने कहा, हमारी सरकार बनी तो कड़ाई से लागू करेंगे एनआरसी

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MADAN KISHORE JHAलेखक

रांची : झारखंड में भाजपा विधायक दल के नेता बार-बार एनआरसी जैसे मुद्दे को हवा दे रहे हैं. बाबूलाल मरांडी का कहना है कि झारखंड के कई जिलों का डेमोग्राफी चेंज हो रहा है. आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में है. बांग्लादेशी घुसपैठियों ने संथाल परगना के पूरे इलाके को अपने जद में ले लिया है. झारखंड में भाजपा की सरकार बनते ही इनके विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी और एनआरसी लाकर इन्हें चुन-चुन कर राज्य की सीमा से बाहर किया जाएगा.


अब यह एनआरसी का मुद्दा राजनीतिक स्टंट साबित होता है या फिर वास्तव में बदलती डेमोग्राफी को भाजपा बदलना चाहती है. एक तरफ बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भी सरकार बनते ही कड़ाई से एनआरसी लागू करने की बात कही है.

वहीं दूसरी ओर सभी जिलों के डीसी को भी पत्र लिखकर जांच के आदेश दिए गए हैं. इस संबंध में रांची जिला उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि सभी प्रखंडों के पदाधिकारी को पत्र दे दिए गए हैं. लोगों के घरों में जाकर उनके आधार कार्ड और जानकारी इकट्ठा करें.

वहीं बाबूलाल मरांडी के बयानबाजी और उनके द्वारा किए गए ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को तलाशने के लिए राज्य के धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं. पिछले 18 साल झारखंड में भाजपा की सरकार रही. 9 साल डबल इंजन के सरकार रही. क्या बीएसएफ झारखंड सरकार देखती है बाबूलाल मरांडी कोयल सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से पूछना चाहिए की बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स रहते हुए यह चीजें कैसे हो रही है. वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. तनुज खत्री ने यह भी कहा कि झारखंड में हिंदू-मुस्लिम करके आप कभी सफल नहीं होंगे.

अब देखना होगा कि बदलते डेमोग्राफी की फिकर भाजपा को है या एनआरसी जैसा मुद्दा चुनावी एजेंडा है. यह तो आने वाले वक्त में ही तय होगा. फिलहाल एनआरसी जैसा मुद्दा झारखंड में चर्चा का विषय बन चुका है.

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