छात्रों को पुस्तक से मिलेगा मार्गदर्शन
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा लिखित पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ का किया लोकार्पण
पटना : महामहिम राज्यपाल श्री फागू चौहान ने राजभवन के दरबार हॉल में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लिखित पुस्तक‘‘एग्जाम वॉरियर्स’’के दूसरे संस्करण का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं. वह उनकी छोटी-से-छोटी समस्याओं को भी गहराई से समझकर उनका समाधान ढ़ूँढ़ने की कोशिश करते हैं ताकि हमारी युवा पीढ़ी अपनी पूरी शक्ति और ऊर्जा के साथ उत्साहपूर्वक राष्ट्र के निर्माण एवं विकास में अपना सर्वोत्तम योगदान दे सके.
राज्यपाल ने कहा कि परीक्षाएँ विद्यार्थियों के लिए हमेशा से परेशान और चिंतित करनेवाली चीज रही है. शिक्षक,माता-पिता एवं अन्य स्वजन और शुभचिन्तकों की अपेक्षाएँ,अधिकाधिक अंक प्राप्त करने का दबाव तथा आज की गलाकाट प्रतियोगिता ने इसे और भी भयानक और दुरूह बना दिया है. इससे विद्यार्थी अवसादग्रस्त होने लगे हैं तथा परीक्षा में कम अंक मिलने या असफल हो जाने पर अक्सर उनके द्वारा आत्महत्या कर लेने जैसी दुःखद खबरें मिलती रहती हैं.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हमारे देश के नैनिहालों की इस विकट समस्या और उसके मूल कारण को समझने की कोशिश की है तथा‘कभी मन की बात’तो कभी‘परीक्षा पे चर्चा’जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने उनसे सीधा संवाद स्थापित कर उनके मन से परीक्षा के भय को दूर कर उन्हें तनावमुक्त बनाने तथा अवसादग्रस्त होने से बचाने का हरसंभव प्रयास किया है. उन्होंने अपनी पुस्तक‘एग्जाम वॉरियर्स’में यह बताने का प्रयास किया है कि विद्यार्थी किस प्रकार तनाव रहित होकर हँसी-खुशी के वातावरण में परीक्षाएँ दे सकते हैं.
राज्यपाल ने कहा कि इस पुस्तक में विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए अनेक विचार मंत्रों के रूप में दिए गए हैं तथा विभिन्न विशिष्ट पहलुओं पर आधारित इन मंत्रों का रोचक विश्लेषण विद्यार्थियों को व्यापक दिशा प्रदान करते हैं. इन मंत्रों का भलीभाँति चिंतन कर इनके निहितार्थ को व्यवहार में लाने पर युवाओं के जीवन में इसके आश्चर्यजनक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने इस पुस्तक में शिक्षकों से भी बात की है तथा शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलाव के प्रति उन्हें सजग करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति,2020 के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका को दर्शाया है. इस नीति का उद्देश्य हमारे युवाओं को 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है.
राज्यपाल ने कहा कि आजकल शिक्षक और माता-पिता के बीच काफी दूरी बनती जा रही है. खासकर सीनियर सेक्शन में यह अधिक देखने को मिलता है. अनेक माता-पिता अपने बच्चे के शिक्षकों को जानते तक नहीं हैं. यह स्थिति अच्छी नहीं है. प्रधानमंत्री जी का मानना है कि माता-पिता और शिक्षकों के बीच सहज संवाद और समन्वय अत्यंत आवश्यक है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने इस किताब में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्राणायाम और सूर्य नमस्कार सहित कुछ योगासनों की भी चर्चा की है तथा उनसे इनका अभ्यास करने को कहा है ताकि वे मानसिक रूप से शांत तथा शारीरिक रूप से तरोताजा और ऊर्जावान बने रहें.
कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल० चोंग्थू ने धन्यवाद-ज्ञापन किया.
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के सचिव वैद्यनाथ यादव, पटना स्थित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, प्रतिकुलपतिगण एवं कुलसचिवगण, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के निदेशकगण, राज्यपाल सचिवालय के पदाधिकारीगण एवं कर्मीगण, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण एवं विद्यार्थीगण तथा अन्य लोग उपस्थित थे.
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