ऑपरेशन के बाद आया अच्छा याददाश्त
डॉक्टरों की टीम ने गंभीर रुप से घायल गौरांग के सिर का किया सफल ऑपरेशन, सिर में चोट की वजह से ब्लड का जमा था क्लॉट
धनबाद: खबर है धनबाद की जहां सड़क हादसे में घायल युवक का सिर गंभीर रूप से जख्मी हो गया था. वह अपनी याददाश्त तक खो दिया था. दुर्घटना के कारण सिर में आई चोट की वजह से ब्लड का क्लॉट जम गया था. लेकिन धनबाद के एक निजी अस्पताल जेपी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम ने उसका सफल ऑपरेशन कर उसके जीवन को संवारने का काम किया है. इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी बात यह है कि जिस युवक का ऑपरेशन किया गया उसकी खोपड़ी 3 महीने तक डॉक्टर ने फ्रिज में रखा. मतलब यह कि युवक की दो बार सिर की सर्जरी की गई. पहली सर्जरी में युवक की खोपड़ी निकाल कर 3 महीने तक फ्रिज में रखी गई. उसके बाद फिर से दूसरी बार सर्जरी के बाद युवक की खोपड़ी फिर से लगाई गई है.
दरअसलनिरसा के कुसेड़ा के रहने वाले गौरांग सूत्रधर 28 अप्रैल को स्कूटी से गिरकर घायल हो गये थे. दुर्घटना में सूत्रधर का सिर बुरी तरह जख्मी हो गया था. वह अपनी याददाश्त खो चुका था. सरायढेला स्थित जेपी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद डॉक्टर के द्वारा सिर के ऑपरेशन कराने की बात कही गई. न्यूरो सर्जन डॉक्टर लिंगराज त्रिपाठी की 3 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने गौरांग का सफल ऑपरेशन किया.
न्यूरो सर्जन डॉक्टर लिंग धर्म त्रिपाठी ने बताया कि मरीज काफी गंभीर अवस्था में था. बिना ऑपरेशन के मरीज की जान बचाना मुश्किल भरा था. सबसे पहले मरीज की खोपड़ी को खोल कर उसकी सर्जरी कर दी गई. दुर्घटना के कारण सिर में आई चोट की वजह से ब्लड का क्लॉट जम गया था. खोपड़ी खोलने के बाद यह ब्लड क्लोट धीरे-धीरे सूखने लगा. सूखने के बाद ब्लड क्लोट को बाहर निकाल दिया गया. इस दौरान 3 महीने तक मरीज की खोपड़ी फ्रीज में रखी गई. ब्लड क्लोट बाहर निकालने के बाद वापस फिर से खोपड़ी को सिर में सर्जरी कर लगा दिया गया जिसके बाद मरीज पूरी तरह से ठीक है. उसकी अब पहले से अच्छी याददाश्त हो गई है. उन्होंने बताया कि खोपड़ी का काम सिर की रक्षा करना है. इसलिए खोपड़ी को बड़े आराम से ही निकाल कर रख रखा जा सकता है. लेकिन इस दौरान सिर को काफी सुरक्षित रखनी पड़ती है. किसी तरह का कोई नुकसान सिर पर नहीं पहुंचना चाहिए.
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