BIHAR NEWS
वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर विद्या विहार कैरियर प्लस में गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर
पूर्णिया- वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में पूर्णिया स्थित विद्या विहार कैरियर प्लस में शुक्रवार को विशेष सामूहिक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अखंडता, मातृभूमि के प्रति सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक चेतना की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में संस्थान के करीब 160 छात्र-छात्राओं ने उत्साह और अनुशासन के साथ हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने एक स्वर, एक लय और एक भाव के साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। सामूहिक गायन से पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। इसके माध्यम से मातृभूमि के प्रति सम्मान, राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता और स्वाभिमान की भावना को अभिव्यक्ति मिली है। कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, अनुशासित और संवेदनशील नागरिक तैयार करना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
विद्या विहार कैरियर प्लस के निदेशक अभियंता प्रशांत शंकर ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक मूल्यों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की बड़ी ताकत है और विद्यार्थियों को अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का सकारात्मक इस्तेमाल समाज और राष्ट्र के विकास में करना चाहिए। वहीं, संस्थान के जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष झा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष पर आयोजित सामूहिक गायन विद्यार्थियों के लिए केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान, एकता, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को समझने का अवसर है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में केंद्र समन्वयक मनीष रंजन के साथ वर्षा सिंह, बबिता दास, काजल सिंह, ऋषि राज, दीपक कुमार और श्वेता कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, गौरव और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया। एक समय, एक स्वर, एक लय’ की भावना के साथ आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए यादगार रहा और पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश देखने को मिला।
पूर्णिया से जे पी मिश्रा की रिपोर्ट
इस ख़बर को शेयर करें
अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।