JHARKHAND NEWS
झारखंड में मंडराया रसोई गैस का संकट, अगले महीने हड़ताल पर रहेंगे LPG डिस्ट्रीब्यूटर
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं .एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी LDAI के आह्वान पर जिले के एलपीजी डीलर अगले महीने हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।इस हड़ताल के दौरान एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह से बंद रहेगी। आंदोलन के अगले चरण में 26 अक्टूबर को देश भर के डिस्ट्रीब्यूटर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेंगे और इसी दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल की आधिकारिक तिथि का ऐलान भी किया जाएगा।एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीडी सिंह ने जानकारी दी है कि एलपीजी वितरक गत 1 सितंबर से ही लगातार आंदोलनरत हैं।
प्रथम चरण: वितरकों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
ज्ञापन: इसके बाद राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला उपायुक्तों को सौंपा गया।
अगला कदम: आगामी 6 अक्टूबर को 'नो मनी, नो इंडेंट' के तहत डीलर गैस कंपनियों के पास एडवांस पैसा जमा नहीं करेंगे और प्लांट से सिलेंडरों का उठाव पूरी तरह ठप रहेगा।
प्रमुख मांगें क्या हैं? डीलरों का कहना है कि प्रशासन और तेल कंपनियां उनकी लगातार अनदेखी कर रही हैं। उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं:
प्रशासनिक शुल्क (Administrative Charges) और होम डिलीवरी शुल्क में बढ़ोतरी की जाए।
ई-केवाईसी (E-KYC) प्रक्रिया के लिए सरकार या कंपनियों की तरफ से अलग से शुल्क दिया जाए।
एलपीजी के अलावा अन्य गैर-जरूरी सामग्रियों की बिक्री के लिए कंपनियों द्वारा डीलरों पर अनुचित दबाव बनाना बंद किया जाए।
आंकड़ों की अगर बात करें तो देश भर में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों की संख्या करीब 26 हजार है। वहीं, अगर सिर्फ हमारे जिले की बात करें, तो यहां कुल 15 डिस्ट्रीब्यूटर हैं, जिन पर जिले के लगभग 2.60 लाख (ढाई लाख से अधिक) उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की जिम्मेदारी है।साफ है कि अगर डीलर्स की हड़ताल लंबी चलती है, तो आम आदमी की रसोई का बजट और गैस की किल्लत एक गंभीर समस्या बन सकती है। अब देखना यह होगा कि 26 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले क्या सरकार और प्रशासन इन डीलर्स की मांगों पर कोई सुध लेते हैं या नहीं।
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