मुश्किल में आउटसोर्सिंग पर बहाल कर्मी
अपने ही पैसों के लिए लगाना पड़ रहा OFFICE का चक्कर
रांची : खबर है झारखंड की राजधानी रांची की जहां कोरोना काल के दौरान आउटसोर्सिंग पर बहाल कर्मी अपने ही पैसों के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. इस मामले पर रांची के सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि डीसी ऑफिस से आवंटन आने पर वेतन का भुगतान किया जाएगा.
कोरोना के समय जान जोखिम में डाल कर काम करने के बावजूद भी कर्मियों को अपना ही पैसा अब तक नहीं मिल सका है. इस संबंध में बातें करने पर एक कर्मी उज्ज्वल की आंखें डबडबा गयी. उन्होंने कहा कि पिछले 3 महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है और कार्यालय का चक्कर लगा कर थक चुके हैं.
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के वक्त कोविड टेस्टिंग समेत अन्य कामों के लिए आउटसोर्सिंग पर लिए गए कर्मचारी जिला प्रशासन के आदेश पर बहाल किए गए थे. 250 लोगों की बहाली रांची सदर अस्पताल में हुई थी. ये सभी कर्मी रांची रेलवे स्टेशन और हटिया स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड समेत कोविड स्टेटिक बूथ पर तैनात किए गए थे. शुरुआत के महीने में वेतन मिला लेकिन जैसे ही कोरोना महामारी खत्म हुई वगैर वेतन दिये इन्हें काम से हटा दिया गया. दरअसल इन्हें 400 रुपया प्रतिदिन यानि 12 हजार रु. प्रतिमाह भुगतान की बात कहकर काम पर रखा गया था. 35 कर्मचारी वैसे हैं जिन्हें 6 महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है जबकि करीब 215 कर्मचारियों को 3 महीने से वेतन नहीं मिला है. इनके बकाए मद की राशि 95.12 लाख रुपये है.
कोरोना काल के दौरान काम करने वाले कर्मचारियों ने कहा कि महामारी के समय जब लोग अपने घरों में दुबके रहते थे उस वक्त हमलोगों ने फ्रंट लाइन पर रहकर काम किया है. आज अपने हक के पैसे के लिए अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर काट रहे हैं. जैसे की हम अधिकारियों से भीख मांग रहे हों. वहीं एक कर्मी खुशबू लकड़ा ने कहा कि हमलोग बकाए वेतन की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का दरवाजा खटखटा चुके हैं. दो दिन में पैसा देने की बात कहकर हमलोगों को वापस भेज दिया गया था. आज महीनों गुजर गए, लेकिन पैसा नहीं मिला. खुशबू ने कहा कि बाहर से आकर काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. इसी समस्या से गुजर रही एक कर्मी दीपिका कच्छप ने कहा कि वेतन नहीं मिलने के कारण मकान का किराया नहीं दे पायी हूं. अब रहना भी मेरे लिए चुनौती बन गयी है.
वहीं इस मामले पर रांची के सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि डीसी ऑफिस से जब आवंटन आएगा तभी वेतन का भुगतान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ये सभी कर्मचारी कोविड के वक्त काम पर लगाए गये थे. इनकी मांग है कि वेतन दिया जाए और ये सभी वेतन भुगतान का तय समय मांग रहे हैं जो कि मुश्किल है.
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