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मधुपुर में 95 वर्षों से बंगाली परंपरा के साथ हो रही मां दुर्गा की आराधना, 100 वर्ष पूरे होने पर मनेगा भव्य शताब्दी समारोह
मधुपुर:शहर के कालीपुर टाउन स्थित रेलवे इंजीनियरिंग कॉलोनी पूजा समिति में पिछले95वर्षों से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान और पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाजों के साथ की जा रही है। वर्षों से चली आ रही यह धार्मिक परंपरा आज भी श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। पूजा समिति अब अपनी स्थापना के100वर्ष पूरे होने पर भव्य शताब्दी समारोह आयोजित करने की तैयारी में है।
बंगाली रीति-रिवाजों से होती है मां दुर्गा की पूजा
रेलवे इंजीनियरिंग कॉलोनी की दुर्गा पूजा अपनी पारंपरिक पूजा पद्धति और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष पहचान रखती है। यहां दुर्गा पूजा के दौरान सप्तमी,अष्टमी और नवमी के अवसर पर मां दुर्गा को खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाता है। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है। पारंपरिक बंगाली संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप आयोजित होने वाली इस पूजा में भक्तों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।
100वर्ष पूरे होने पर होगा भव्य आयोजन
पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष मां दुर्गा की आराधना की95वर्ष पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। समिति का लक्ष्य पूजा के100वर्ष पूरे होने पर भव्य शताब्दी समारोह आयोजित करना है,ताकि इस ऐतिहासिक धार्मिक परंपरा को यादगार बनाया जा सके। इसके लिए आने वाले वर्षों में पूजा को और भव्य स्वरूप देने की योजना है।
मां दुर्गा के दरबार में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था
समिति के सदस्यों के अनुसार,मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है। भक्तों का विश्वास है कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुरादें पूरी होती हैं। यही विश्वास हर वर्ष श्रद्धालुओं को पूजा में शामिल होने के लिए प्रेरित करता है।
कुल मिलाकर,मधुपुर के कालीपुर टाउन स्थित रेलवे इंजीनियरिंग कॉलोनी की दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था,बंगाली संस्कृति और वर्षों पुरानी परंपरा का अनूठा संगम है।100वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ रही यह पूजा समिति अपनी गौरवशाली विरासत को सहेजते हुए शताब्दी समारोह को यादगार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मधुपुर से रामचंद्र झा की रिपोर्ट
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