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JPSC में खाली पदों पर सियासत तेज, दीपावली से पहले नियुक्ति की उम्मीद, BJP ने सरकार को घेरा

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Deepak Kumarलेखक

रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC)में अध्यक्ष और सदस्यों के खाली पदों को लेकर राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)को उम्मीद है कि दीपावली से पहले आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति हो जाएगी। वहीं,भारतीय जनता पार्टी (BJP)ने नियुक्तियों में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। इस पूरे विवाद के बीच सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी हैं।

JPSCनियुक्ति परJMMको दीपावली से पहले फैसले की उम्मीद

JPSCमें अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली होने का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। इस मामले परJMMका कहना है कि पिछले कुछ समय के दौरान पार्टी और सरकार को कई चुनौतियों और संकटों का सामना करना पड़ा है,जिसका असर सरकारी कामकाज पर भी पड़ा। हालांकि,पार्टी को उम्मीद है कि दीपावली से पहले आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो सकती है।

JMMके इस बयान के बाद अब सबकी नजरें सरकार के अगले कदम पर हैं। यदि नियुक्तियों को लेकर जल्द फैसला होता है,तो आयोग के कामकाज और आगामी प्रक्रियाओं को गति मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

BJPका सवाल- नियुक्ति के लिए दीपावली तक इंतजार क्यों?

JMMके दावे परBJPने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा का सवाल है कि जब आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं,तो नियुक्तियों के लिए दीपावली तक इंतजार क्यों किया जा रहा है?पार्टी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब संवैधानिक संस्थाओं में नियुक्तियां भी मुहूर्त देखकर होंगी?

BJPने राज्य सरकार के रोजगार संबंधी चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरी देने के वादे अब तक पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाए हैं। पार्टी ने25लाख और10लाख नौकरियों से जुड़े चुनावी वादों का हवाला देते हुए सरकार की रोजगार नीति पर सवाल उठाए।

स्थानीय युवाओं के हितों को लेकर भीBJPने उठाए सवाल

भाजपा ने आरोप लगाया किJPSCमें पिछले तीन महीने से अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं और सरकार नियुक्तियों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। पार्टी ने आदिवासी और मूलवासी युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने की आशंका भी जताई है।

इसके साथ हीBJPने मांग की है कि आयोग में होने वाली नियुक्तियों और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं में झारखंड के स्थानीय युवाओं के हितों का ध्यान रखा जाए। पार्टी ने नियुक्तियों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दिए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि,इन आरोपों पर सरकार का पक्ष और नियुक्ति प्रक्रिया की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।

JPSCमें खाली पदों का युवाओं पर क्या पड़ेगा असर?

JPSCमें अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली रहने को लेकर सबसे बड़ी चिंता उन अभ्यर्थियों की है,जो राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं में नियुक्ति की तैयारी कर रहे हैं। आयोग में नेतृत्व और सदस्यों की कमी से प्रशासनिक कामकाज,भर्ती प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों और अन्य कार्यों पर क्या असर पड़ रहा है,यह आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

रांची के करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट

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