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पूर्णिया के कला भवन में झिझिया लोक नृत्य कार्यशाला

बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति को सहेजने और नवयुवतियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल

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Ravi Prakashलेखक

पूर्णिया- बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और इसे जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से कला भवन, पूर्णिया स्थित लोक कला केंद्र के प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र की ओर से एक विशेष सात दिवसीय लोक कला प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। 20 सितंबर से शुरू हुई यह कार्यशाला 26 सितंबर तक चलेगी।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बिहार की प्राचीन एवं पारंपरिक लोक परंपरा 'झिझिया' से नई पीढ़ी की नवयुवतियों को अवगत कराना और इस लोक नृत्य के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय फलक पर एक नई पहचान दिलाना है। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन बिहार कला पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ कलाकार विश्वजीत कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में किया जा रहा है। कार्यशाला में लगभग 25 कला साधक और युवा कलाकार हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें झिझिया नृत्य की बारीकियों, लय और भाव-भंगिमाओं का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

युवा कलाकारों को निखारने और झिझिया नृत्य की पारंपरिक शैली से रूबरू कराने के लिए क्षेत्र के दिग्गज कलाकार बतौर प्रशिक्षक जुड़े हैं। प्रशिक्षण देने वालों में प्रमुख रूप से काजल देवनाथ, दीपप्रिया, रिया डे, उदय कुमार (पटना के चर्चित लोक कलाकार) कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को झिझिया नृत्य के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ इसके गायन और मंच प्रस्तुति का भी अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि बिहार की यह पारंपरिक कला धरोहर के रूप में भावी पीढ़ी तक सुरक्षित पहुंच सके।

पूर्णिया से जे पी मिश्रा की रिपोर्ट

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