JHARKHAND POLITICS
झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 25-26 नवंबर को, SIR और MMDR संशोधन पर होगी चर्चा
रांची: झारखंड विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र25और26नवंबर को आयोजित होगा। इस दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम,2026को लेकर सदन में विशेष चर्चा होगी। राज्य सरकार दोनों मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज सकती है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने25और26नवंबर को सदन की बैठक बुलाने का आदेश जारी कर दिया है। दोनों दिन विधानसभा की कार्यवाही सुबह11बजे से शुरू होगी।
मानसून सत्र का ही होगा विस्तारित आयोजन
खास बात यह है कि नवंबर में होने वाली यह बैठक अलग सत्र के रूप में नहीं,बल्कि मानसून सत्र के तहत ही आयोजित होगी। इससे पहले मानसून सत्र की कार्यवाही11अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। अब उसी सत्र को आगे बढ़ाते हुए दो दिनों की बैठक बुलाई गई है।
पहले दिनSIR,दूसरे दिनMMDRसंशोधन पर चर्चा
संभावना है कि25नवंबर को सदन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)का मुद्दा उठेगा,जबकि26नवंबर को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम,2026पर चर्चा होगी।
राज्य सरकार इन दोनों मुद्दों पर अपना पक्ष रखते हुए केंद्र सरकार के फैसलों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव ला सकती है। प्रस्ताव पारित होने की स्थिति में इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
MMDRसंशोधन को लेकर केंद्र से नाराज है राज्य सरकार
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के संसद से पारित होने के बाद से ही झारखंड सरकार इसका विरोध कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य की चिंताओं से अवगत करा चुके हैं।
राज्य सरकार का तर्क है कि संशोधन से खनिज संपदा पर सेस लगाने के राज्य के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इससे राज्य के राजस्व पर असर पड़ने की आशंका है। सरकार का कहना है कि खनिज से मिलने वाले राजस्व में कमी आने पर मंईयां सम्मान योजना सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।
इस मुद्दे को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस अलग-अलग स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
SIRके मुद्दे पर भी सरकार रखेगी अपना पक्ष
वहीं,मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानीSIRको लेकर भी झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी तेज है। कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार विरोध जता रही है। आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
अब सबकी नजरें25और26नवंबर को होने वाली विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं। इन दो दिनों में सदन में होने वाली चर्चा और पारित होने वाले संभावित प्रस्तावों से केंद्र और राज्य के बीच इन दोनों मुद्दों पर राजनीतिक एवं नीतिगत बहस को नई दिशा मिल सकती है।
रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
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