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भू-राजस्व मंत्री श्री दीपक बिरुआ ने दी दिशा-निर्देश, आमजन को मिलेगा बार कोड के माध्यम से भूमि रसीदों का लाभ

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Simran Chaudharyलेखक

RANCHI : भू-राजस्व मंत्री श्री दीपक बिरुआ ने राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए एक वर्चुअल बैठक आयोजित की। बैठक में मंत्री ने राज्य के विभिन्न प्रमंडलीय आयुक्तों और विभागीय सचिवों से चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य घोषणाएँ और निर्देश:

  1. बार कोड की सुविधा: अब राज्य के नागरिक अपनी भूमि रसीदें मोबाइल से बार कोड के माध्यम से आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें कचहरी और सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, और प्रक्रिया सरल और तेज होगी।

  2. राइट टू सर्विस एक्ट के तहत कार्यों का समावेश: म्यूटेशन समेत अन्य भूमि संबंधित कार्यों को राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में लाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि आमजन को समय पर उनकी सेवाएँ मिलें और सरकार को राजस्व संग्रहण में वृद्धि हो।

  3. राजस्व वसूली में सुधार: चाईबासा आयुक्त द्वारा प्रस्तुत 2000 करोड़ रुपये के बकाए की वसूली प्रस्ताव पर तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि इस तरह के मामलों पर ध्यान देने से राज्य की राजस्व स्थिति में सुधार होगा।

  4. सरकारी भूमि पर कब्जे का मुद्दा: मंत्री ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात की। विशेष रूप से हरमू नदी के किनारे अवैध कब्जों को लेकर विभागीय स्तर पर शीघ्र चर्चा करने और आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

  5. लंबित म्यूटेशन और अन्य प्रक्रियाओं का समाधान: लंबित म्यूटेशन कार्यों को शीघ्र पूरा करने, खासमहल और सैरात की वसूली को सुगम बनाने, और कोर्ट केसों के निराकरण को तेज करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में उपस्थित अधिकारी:
बैठक में मंत्री श्री दीपक बिरुआ के अलावा रांची, हजारीबाग, पलामू, दुमका, और चाईबासा के प्रमंडलीय आयुक्त, विभागीय प्रधान सचिव चंद्रशेखर, और अन्य उच्च अधिकारी भी मौजूद थे। राज्य सरकार की यह पहल नागरिकों को बेहतर सेवाएँ देने और राजस्व संग्रहण में सुधार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

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