JHARKHAND NEWS
गढ़वा में नवजात को लेकर सनसनीखेज मामला, अस्पताल से प्रसूता के जाने पर खरीद-फरोख्त की आशंका, 20 घंटे बाद बरामद
झारखंड के गढ़वा के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात बच्चे को लेकर विवाद सामने आया है। प्रसव के कुछ घंटे बाद प्रसूता अपने नवजात बच्चे के साथ अस्पताल से चली गई। परिजनों ने नवजात की खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। करीब 20 घंटे बाद पुलिस ने महिला और बच्चे को बरामद कर लिया। अस्पताल के प्रसव रजिस्टर में प्रसूता का नाम दर्ज नहीं होने के मामले में एक एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।भवनाथपुर सीएचसी में प्रसव के कुछ घंटे बाद नवजात बच्चे के साथ प्रसूता के अस्पताल से चले जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद नवजात की कथित खरीद-फरोख्त की आशंका जताई गई, जिससे अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, बुका गांव निवासी संजय पासवान अपनी पत्नी कंचन देवी को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब तीन बजे भवनाथपुर सीएचसी लेकर पहुंचे थे। बताया गया कि एएनएम गुलाब खलखो और सीमा कुमारी ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। शाम करीब 5:30 बजे कंचन देवी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद उसे लेने के लिए तीन-चार लोग अस्पताल पहुंचे थे। सहिया उषा देवी ने भी ऐसे लोगों के अस्पताल पहुंचने की बात कही है।
रात करीब नौ बजे एएनएम की ड्यूटी बदलने के बाद भाइलेट एक्का और अंजू किसपोटा ने कार्यभार संभाला। इसी दौरान नवजात को लेने पहुंचे लोगों और सहिया के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई। इसके बाद सहिया अपने घर चली गई। बताया गया कि रात करीब 11 बजे प्रसूता अपने नवजात बच्चे को लेकर अस्पताल से चली गई। इसके बाद महिला और बच्चे का पता नहीं चल सका। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और अस्पताल प्रबंधन ने तलाश शुरू की। करीब 20 घंटे बाद पुलिस ने महिला और बच्चे को बरामद कर लिया। ड्यूटी पर तैनात एएनएम अंजू किसपोटा और भाइलेट एक्का ने बताया कि प्रसव रजिस्टर में महिला का नाम दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं थी। वहीं, सूत्रों के हवाले से नवजात को चपरी पंचायत क्षेत्र में किसी निःसंतान दंपति को दिए जाने की चर्चा भी सामने आई,
हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में प्रसव रजिस्टर में प्रसूता का नाम दर्ज नहीं होने को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी कंचन देवी पर एक बच्चे को बेचने का आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है, हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। गढ़वा के सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कनेडी ने नवजात की खरीद-फरोख्त के आरोप से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और बच्चे को लेकर कहीं चली गई थी। वहीं, प्रसव रजिस्टर में कथित छेड़छाड़ के मामले में एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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