JHARKHAND NEWS
धनबाद रिंग रोड जमीन मुआवजा घोटाले में 85 वर्षीय नरसिंह दास गिरफ्तार, 6.32 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान का आरोप
धनबाद में रिंग रोड निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान करोड़ों रुपये के सरकारी मुआवजा घोटाला मामले में निगरानी थाना कांड संख्या 32/16 के प्राथमिकी अभियुक्त 85 वर्षीय नरसिंह दास को पुलिस ने 5 नवंबर 2026 यानी गुरुवार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने जाली और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जिला भू-अर्जन कार्यालय से 6 करोड़ 32 लाख 13 हजार 585 रुपये 99 पैसे का अवैध मुआवजा प्राप्त किया।
पुलिस के अनुसार, नरसिंह दास ने धनबाद मौजा संख्या 51 के खाता संख्या 121 और प्लॉट संख्या 1630 की जमीन पर अपना अधिकार जताने के लिए दलील संख्या 25560, दिनांक 21 अक्टूबर 1970 का सहारा लिया था। इसी दस्तावेज के आधार पर उन्होंने 6,32,13,585.99 रुपये का मुआवजा प्राप्त किया।जांच के दौरान जिला अवर निबंधक, धनबाद कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजों में बड़ा खुलासा हुआ। आधिकारिक अभिलेख के अनुसार, संबंधित दलील मूल रूप से हराधन महतो एवं अन्य के नाम पर बंगला लिपि में निबंधित थी। जबकि आरोप है कि नरसिंह दास ने इसी दलील को अंग्रेजी में कूटरचित तरीके से तैयार कराकर जमीन पर अपना दावा पेश किया और सरकारी मुआवजे की राशि हासिल कर ली।
इस मामले में निगरानी थाना में 21 अप्रैल 2016 को कांड संख्या 32/16 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र, सरकारी धन के गबन और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।गिरफ्तार अभियुक्त नरसिंह दास (85 वर्ष), पिता स्वर्गीय दशरथ दास, मूल रूप से बिहार के अरवल जिले के परासी थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव के निवासी हैं।फिलहाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजने की अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। धनबाद रिंग रोड के जमीन अधिग्रहण से जुड़े इस मामले में 6.32 करोड़ रुपये के कथित फर्जी मुआवजे का मामला सरकारी राजस्व को हुए बड़े नुकसान की ओर इशारा करता है।
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