Live

JHARKHAND NEWS

शिल्पी नेहा तिर्की ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा, झारखंड में SIR रद्द करने की मांग

S
Srishtyलेखक

देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर है। अब झारखंड में भी इसको लेकर संग्राम छिड़ गया है। झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मौजूदा SIR प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द कर इसे दोबारा शुरू करने की मांग की है।मामला तब और गरमा गया जब स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बेहद गंभीर आरोप लगा दिए। इरफान अंसारी ने दो टूक कहा कि झारखंड में किसी भी कीमत पर SIR लागू नहीं होने दिया जाएगा।बता दें कि झारखंड में SIR की प्रक्रिया इसी साल 30 जून 2026 से शुरू हुई थी। BLO ने घर-घर जाकर सत्यापन किया और 5 अगस्त को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित हुई। अब 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची आनी है, जिसके ठीक पहले सियासी घमासान अपने चरम पर पहुंच गया है।

विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए वोट काटे जा रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग पहले ही ऐसे सभी आरोपों को खारिज कर चुका है और विपक्ष से ठोस सबूत मांगने की बात कह चुका है। वहीं, आयोग के भीतर भी कुछ फैसलों पर आंतरिक असहमति की खबरें सामने आई हैं।दस्तावेजों को जुटाने में आम जनता को आ रही दिक्कतों और मंत्रियों के बयानों के बाद अब यह साफ है कि झारखंड में SIR का यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ेगा।





इस ख़बर को शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।

पूरी वेबसाइट पर पढ़ें और ख़बरें