JHARKHAND NEWS
लौह अयस्क और बॉक्साइट में झारखंड की बादशाहत, देश के खनिज उत्पादन में 3.6% हिस्सेदारी
हाल ही में नीति आयोग ने सितंबर 2026 में 'ट्रेड वॉच क्वार्टरली' (अप्रैल-जून 2026) रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट में भारत के धातु और खनिज अयस्क कारोबार का गहरा विश्लेषण किया गया है। और खास बात यह है कि इस रिपोर्ट में देश के खनिज-प्रधान राज्यों में हमारे झारखंड का भी विशेष उल्लेख किया गया है!रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024-25 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल खनिज उत्पादन में झारखंड की हिस्सेदारी 3.6 प्रतिशत रही है। भले ही यह आंकड़ा आपको छोटा लगे, लेकिन झारखंड का योगदान किन खनिजों में है, यह बेहद अहम है। राज्य का प्रमुख और मजबूत योगदान निम्नलिखित खनिजों के उत्पादन में दर्ज किया गया है:
लौह अयस्क (Iron Ore)
बॉक्साइट (Bauxite)
तांबा अयस्क (Copper Ore)
और ग्रेफाइट (Graphite)
ये सभी खनिज भारत के भारी उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र की रीढ़ हैं। रिपोर्ट यह भी बताती है कि देश का अधिकांश खनिज उत्पादन मुख्य रूप से पांच राज्यों—ओडिशा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और महाराष्ट्र—में केंद्रित है, जो मिलकर देश का 90% से अधिक उत्पादन करते हैं। ऐसे में, झारखंड जैसे राज्यों की उपस्थिति हमारे औद्योगिक भविष्य के लिए बहुत मायने रखती है।लेकिन नीति आयोग की यह रिपोर्ट सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं है। इसमें कई गंभीर और दूरदर्शी पहलुओं पर जोर दिया गया है, जैसे:
खनिज संसाधनों की वास्तविक उपलब्धता
घरेलू प्रसंस्करण (Domestic Processing) क्षमता को बढ़ाना
महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की आयात निर्भरता को कम करना
और खनन क्षेत्र में मूल्यवर्धन (Value Addition) यानी कच्चे खनिज की जगह फिनिश प्रोडक्ट तैयार करने की सख्त जरूरत।झारखंड के संदर्भ में ये आंकड़े और बिंदु यह साफ दिखाते हैं कि राज्य में खनिज आधारित उद्योगों, जैसे स्टील, एल्युमिनियम और मेटल प्रोसेसिंग की असीम संभावनाएं छिपी हुई हैं। खनन गतिविधियां न केवल सरकारी राजस्व बढ़ाती हैं, बल्कि रोजगार, आधारभूत संरचना और परिवहन नेटवर्क को भी रफ्तार देती हैं।
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