JHARKHAND NEWS : एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में "द वर्बल ड्यूल" का आयोजन, वाद-विवाद एवं सार्वजनिक वक्तृत्व कला का हुआ उत्कृष्ट प्रदर्शन
रांची : एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के विजन एवं मिशन तथा संस्थापक अध्यक्ष एवं कुलाधिपति के आशीर्वाद से एंकर्स क्लब एवं मीडिया कमेटी, एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड द्वारा दिनांक 06 अगस्त 2026 को वाद-विवाद प्रतियोगिता "द वर्बल ड्यूल (The Verbal Duel)" का सफल आयोजन किया गया.

एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के कुलपति डॉ. अशोक के. श्रीवास्तव ने इस अवसर पर प्रतिभागियों एवं आयोजकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी तथा विद्यार्थियों को संवाद, तर्क एवं सकारात्मक विचार-विमर्श के माध्यम से समाज में रचनात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया.

प्रतियोगिता का विषय था– "डिजिटल युग में असहमति की संस्कृति: लोकतंत्र के लिए शक्ति या चुनौती?" इस विचारोत्तेजक विषय के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने, विपरीत मतों का सम्मानपूर्वक विश्लेषण करने तथा आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक विश्लेषण, प्रभावी संप्रेषण और रचनात्मक असहमति की कला को विकसित करने का अवसर प्रदान किया गया.

विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं पाठ्यक्रमों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने उत्कृष्ट वक्तृत्व कौशल, गहन अध्ययन तथा प्रभावशाली तर्कों से निर्णायक मंडल एवं उपस्थित श्रोताओं को प्रभावित किया. प्रतिभागियों ने डिजिटल मंचों द्वारा लोकतांत्रिक संवाद को मिलने वाली नई संभावनाओं के साथ-साथ डिजिटल भ्रामक सूचनाओं (मिसइन्फॉर्मेशन) और दुष्प्रचार (डिसइन्फॉर्मेशन) जैसी चुनौतियों पर भी गंभीरता से अपने विचार प्रस्तुत किए, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी समझ और अधिक सुदृढ़ हुई.
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया. बी.बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) की सौम्या सिन्हा को "विजेता (पक्ष में)", बी.बी.ए. के निखिल को "विजेता (विपक्ष में)", तथा बी.बी.ए. के ऋषभ पांडेय को "आउटस्टैंडिंग स्पीकर (पक्ष में)" श्रेणी में सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया.
यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों में बौद्धिक विकास, प्रभावी सार्वजनिक वक्तृत्व, तार्किक चिंतन तथा सक्रिय नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण रही. यह आयोजन विश्वविद्यालय के उस उद्देश्य को भी सशक्त रूप से दर्शाता है, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को उत्कृष्ट संप्रेषण कौशल, वैश्विक दृष्टिकोण एवं नेतृत्व क्षमता से युक्त जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित किया जाता है.