JHARKHAND NEWS : JPSC छात्र आंदोलन: CBI जांच की मांग पर पुनर्विचार करें राजेश ठाकुर की अपील
झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलनरत हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने आंदोलनकारी छात्रों से एक बड़ी अपील की है।
उन्होंने छात्रों से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI जांच की अपनी मांग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। राजेश ठाकुर का कहना है कि राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की समस्याओं को लेकर बेहद संवेदनशील हैं और सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से काम कर रही है। उनका यह भी कहना है कि किसी भी जांच को मुकाम तक पहुंचने में थोड़ा वक्त लगता है, इसलिए छात्रों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने साफ किया है कि वर्तमान में CID (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) लगातार मामलों की निष्पक्ष जांच कर रही है और सही नतीजे तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
लेकिन सवाल यह है कि राजेश ठाकुर ने CBI जांच की मांग पर सवाल क्यों उठाए? आइए सुनते हैं उनके तर्क:
CBI के रिकॉर्ड का हवाला: उन्होंने कहा कि देश में CBI के पास कई लंबित मामले हैं, और कई मामलों में ऐसे अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं जिससे लोग पूरी तरह संतुष्ट हों।
जांच प्रक्रिया पर भरोसा: उनका तर्क है कि जब केंद्रीय एजेंसी के ट्रैक रिकॉर्ड पर खुद सवाल उठ रहे हैं, तो छात्रों को अपनी इस मांग पर फिर से विचार करना चाहिए और मौजूदा CID जांच प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
छात्रों का आंदोलन इस बात को लेकर है कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। छात्र इसी पारदर्शी न्याय की उम्मीद में केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
वहीं, कांग्रेस नेता ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपना आंदोलन इस तरह आगे बढ़ाएं जिससे उन्हें मिल रही सामाजिक और राजनीतिक सहानुभूति प्रभावित न हो। उन्होंने भावनात्मक दबाव में कोई भी फैसला लेने के बजाय जांच एजेंसियों को निष्पक्षता से काम करने का पूरा मौका देने की बात कही है।