Live

JHARKHAND NEWS

काटिया पुनर्वास स्थल पर चार दिनों से चल रहे विवाद का पटाक्षेप, दीपावली तक शांति बनाए रखने पर बनी सहमति

S
Srishtyलेखक

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के काटिया पुनर्वास स्थल में बसे विस्थापितों को स्थानीय ग्रामीणों ने तालाब, शौच, पशु चराने और रास्ते को लेकर उपजा था विवाद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सुलह हुआ।चांडिल प्रखंड के रुदिया पंचायत अंतर्गत काटिया पुनर्वास स्थल पर पिछले चार दिनों से चल रहे तनाव का आज आपसी सहमति से समाधान हो गया। सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना, चांडिल बांध के विस्थापितों को बसाए गए इस पुनर्वास स्थल में ग्रामीणों एवं विस्थापित परिवारों के बीच दैनिक सुविधाओं को लेकर विवाद गहरा गया था।विवाद मुख्य रूप से तालाब में जाने से रोकने, शौच के लिए जाने पर रोक-टोक, गाय-बकरी चराने से रोकने, महिलाओं को तालाब में स्नान करने से रोकने तथा आने-जाने के रास्ते के इस्तेमाल को लेकर था। इस कारण दोनों पक्षों में असंतोष बढ़ गया था और स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

स्थिति को देखते हुए आज संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों की बातों को सुना गया और बातचीत के माध्यम से विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने का प्रयास किया गया।बैठक में सर्वसम्मति से दीपावली तक समझौते के आधार पर शांति बनाए रखने पर सहमति बनी। ग्रामीणों एवं पुनर्वास स्थल के विस्थापित परिवारों ने आपसी बातचीत और समझदारी से विवाद का समाधान करने तथा शांति, सौहार्द, प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संकल्प लिया।यह भी तय किया गया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर आपस में विवाद करने के बजाय संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा।

बैठक में पुनर्वास कार्यालय संख्या-2 के पुनर्वास पदाधिकारी सुखदेव महतो दारा प्रसाद मंडल, कानाईलाल गोराई, शंभू कालिंदी, केंद्रीय भंडार एवं शिविर प्रमंडल के कनीय अभियंता दीपक लोहार एवं प्रवीण तिरु, चांडिल अंचल कार्यालय के अंचल निरीक्षक एवं अमीन, रुदिया पंचायत की मुखिया सुबोधिनी माहली, मुखिया प्रतिनिधि ज्योति माहली चांडिल थाना के सहायक प्रभारी, विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो विस्थापित मुक्ति वाहिनी के संयोजक श्यामल मार्डी अंबिका यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं विस्थापित परिवार उपस्थित रहे।

इस ख़बर को शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।

पूरी वेबसाइट पर पढ़ें और ख़बरें