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झारखंड में पुलिस का 'ऑपरेशन खात्मा, 26 मुठभेड़ों में 32 बदमाश घायल, 3 ढेर

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Srishtyलेखक

झारखंड के अपराधियों में आजकल पुलिस की गोलियों का खौफ इस कदर हावी है कि अब बड़े-बड़े बदमाशों के सीने पर खाकी का डर साफ दिखने लगा है। राज्य में बढ़ते अपराध पर लगाम कसने के लिए झारखंड पुलिस अब 'गोली का जवाब गोली' और 'पैर में गोली' वाले फॉर्मूले पर उतर आई है। आंकड़े गवाह हैं कि पिछले डेढ़ साल में झारखंड का हर दूसरा जिला पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ का गवाह बन चुका है।मामला 27 अक्टूबर 2026 का है, जब रांची के विधानसभा थाना क्षेत्र के नया सराय इलाके में पुलिस और राहुल सिंह गिरोह के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस की गोली से शाहिद नाम का अपराधी घायल हो गया, जबकि दो अन्य बदमाशों को खदेड़ कर दबोच लिया गया।

अगर 11 जनवरी 2025 से लेकर 27 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो झारखंड में कुल 26 मुठभेड़ें हुई हैं। इनमें 3 बदमाश ढेर हुए, जबकि 32 से ज्यादा अपराधियों के पैरों में पुलिस की गोलियां उतरी हैं।सबसे ज्यादा खौफ कोयलानगरी धनबाद में देखने को मिला है, जहां 14 अक्टूबर 2025 से 14 अक्टूबर 2026 के बीच 8 एनकाउंटर हुए। राम प्रताप हत्याकांड के शूटर शंकर डे उर्फ पिंकू डे से लेकर प्रिंस खान के गुर्गों—इरफान, नन्हे, और शूटर सागर सिंह—तक को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर सलाखों के पीछे पहुंचाया है।सिर्फ धनबाद ही नहीं, लौहनगरी जमशेदपुर में भी 15 जून से 7 अक्टूबर 2026 के बीच 4 मुठभेड़ें हुईं, जिनमें मरीन ड्राइव के बिंदल मॉल के पास उडुपी रेस्टोरेंट गोलीबारी के मुख्य शूटर मोहन यादव और अजीत मंडल समेत 7 अपराधी घायल हुए।

राजधानी रांची में भी 24 अप्रैल से 27 अक्टूबर के बीच चार बार गोलियां तड़तड़ाईं। आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने वाले सैफ से लेकर जमीन कारोबारी के हत्यारे सत्यम पाठक और कोड़ा गैंग के रंगीला तक, हर किसी का ठिकाना पुलिस की गोली के बाद अस्पताल बना।वहीं पलामू में तीन मुठभेड़ों में कुख्यात सुमित चंद्रवंशी और समीर खलीफा हत्याकांड का आरोपी फैज खान पुलिस की गोली का शिकार बने, जबकि कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को रायपुर से लाने के दौरान पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था।रामगढ़ के भुरकुंडा में राहुल दुबे और प्रिंस खान गिरोह के शूटर शिवाराज राम और सन्नी सिंह पुलिस के हत्थे चढ़े, तो हजारीबाग के दनुआघाटी में अफीम तस्कर और राहुल दुबे गैंग के बादल और मोहित भी पुलिस की गोली से घायल हुए।

चतरा के टंडवा जंगल में शूटर विकास कुमार को गोली लगी, तो वहीं जामताड़ा में जेल से लाए जा रहे कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का अध्याय भी पुलिस मुठभेड़ के साथ ही हमेशा के लिए खत्म हो गया।

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