JHARKHAND NEWS
झारखंड में सरकारी डॉक्टरों का काला पट्टा बांधकर आंदोलन शुरू, DACP लागू करने की प्रमुख मांग
झारखंड में आज से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं! अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य के सरकारी डॉक्टर आज से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर उतर आए हैं। डॉक्टर आज से काला पट्टा (Black Badge) लगाकर काम कर रहे हैं और चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द सुध नहीं ली, तो आंदोलन और भी उग्र हो सकता है।झारखंड के मेडिकल क्षेत्र के 9 बड़े संगठनों ने एकजुट होकर इस आंदोलन की शुरुआत की है। डॉक्टरों का साफ कहना है कि यह सिर्फ उनकी मांग नहीं, बल्कि उनका हक है।
डॉक्टरों की कई शिकायतें हैं, लेकिन सबसे प्रमुख मांग है— डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन यानी DACP को लागू करना। डॉक्टर चाहते हैं कि केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी इसे लागू किया जाए, ताकि उन्हें तय समय पर वेतनमान में बढ़ोतरी और करियर में आगे बढ़ने के सही अवसर मिल सकें।सरकार अक्सर यह रोना रोती है कि राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर डॉक्टर झारखंड में नौकरी करने से कतरा क्यों रहे हैं?
डॉक्टरों का आरोप है कि पिछले 3-4 सालों से लगातार अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। उनकी दो टूक मांग है कि:
जब तक सेवा शर्तों में सुधार नहीं होगा
अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं नहीं मिलेंगी और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में तैनात चिकित्सकों को उचित भत्ता (Allowance) नहीं दिया जाएगा तब तक राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का स्थायी समाधान नामुमकिन है।फिलहाल डॉक्टर काले बिल्ले के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन अगर सरकार ने समय रहते इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया
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