Live

JHARKHAND NEWS

मिथिला पेंटिंग का झारखंड में भी बढ़ा काफी डिमांड, लोग करते खूब पसंद

M
MADAN KISHORE JHAलेखक

जमशेदपुर: बिहार के मधुबनी जिला का मिथिला पेंटिंग का झारखण्ड में भी काफी मांग है.जमशेदपुर की रहने वाली पिंकी कुमारी ने एक से बढ़कर एक मिथिला पेंटिंग बना रही है जो लोगों को अपनी और काफी आकर्षित कर रहा है.

मिथिला पेंटिंग के बारे में पिंकी कुमारी ने कहा कि बिहार में मिथिला पेंटिंग का काफी डिमांड है. अब झारखण्ड में भी इसकी काफी मांग बढ़ने लगी है. उन्होंने कहा कि मिथिला पेंटिंग को बनाने में काफी मेहनत होता है और काफी बारीकी से इसका काम होता है. लोग इसको काफी पसंद करते हैं. इसलिए लोगों को इसकी ज्यादा डिमांड है. पिंकी कुमारी ने बताया कि हम मिथिला पेंटिंग बनाकर रोजगार भी कर रहे हैं.

बता दें कि मधुबनी चित्रकला,पारंपरिक रुप से मधुबनी शहर के आसपास के गांवों की महिलाओं द्वारा की जाती थी. इसे मिथिला पेंटिंग भी कहा जाता है. यह कला नेपाल में तराई क्षेत्र के आस पास के भागों तक विस्तृत है. मधुबनी चित्रों की उत्पत्ति रामायण काल से मानी जाती है. जब मिथिला के राजा ने अपने राज्य के लोगों को सीता और राम के विवाह के मौके पर अपने घरों की दीवारों और फर्श को रंगने के लिए कहा था. लोगों का मानना था कि ऐसा करने से देवता प्रसन्न होते हैं. अधिकतर महिलाओं द्वारा मधुबनी चित्रकला के कौशल को पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित किया गया है.

इस ख़बर को शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।

पूरी वेबसाइट पर पढ़ें और ख़बरें